
मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को ‘वैश्विक संकट’ करार दिया और लोगों से ईंधन का भंडारण न करने की अपील की। फडणवीस ने कहा कि ईंधन की जमाखोरी से इसकी आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव पड़ेगा। सोमवार को पेट्रोल की कीमतों में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई। दो सप्ताह से भी कम समय में यह ईंधन के दाम में चौथी बढ़ोतरी है, जो ईरान संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के विलंबित प्रभाव को दर्शाती है।
इस नवीनतम बढ़ोतरी के साथ, 15 मई से अब तक कुल बढ़ोतरी लगभग 7.5 रुपये प्रति लीटर हुई है। कई शहरों में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर पहुंच गई हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ईंधन की कीमतों में इस नवीनतम बढ़ोतरी को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमला बोला और सरकार पर आरोप लगाया कि उसने राज्य विधानसभा चुनावों के बाद उपभोक्ताओं पर बोझ और बढ़ा दिया है।
विपक्ष के इस आरोप के बारे में पूछे जाने पर कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें सरकार द्वारा लगाए गए करों और नीतिगत निर्णयों के कारण बढ़ी हैं, फडणवीस ने यहां पत्रकारों से कहा, ”आप सभी जानते हैं कि यह एक वैश्विक संकट है।”उन्होंने कहा, ”वैश्विक संकट के कारण आपूर्ति श्रृंखलाएं बाधित हो गई हैं और दुनिया भर के कई देशों ने पेट्रोल और डीजल से संबंधित आपातकाल घोषित कर दिया है। कुछ जगहों पर तो दो दिनों के लिए लॉकडाउन भी लागू किया गया है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में भी यहां पेट्रोल और डीजल खरीदने के लिए भारी भीड़ उमड़ी, जिससे कुछ कानून-व्यवस्था संबंधी समस्याएं उत्पन्न हुईं। किसान इस मौसम में विशेष रूप से डिब्बे लेकर डीजल की मांग कर रहे हैं। फडणवीस ने कहा, ”सामान्यत? हम इस तरह से डीजल उपलब्ध नहीं कराते, लेकिन इस मौसम में हम किसानों को डिब्बों में डीजल उपलब्ध करा रहे हैं।” उन्होंने बताया कि वास्तविक कमी लगभग उतनी ही है, लेकिन बाद में ईंधन उपलब्ध होगा या नहीं, इस आशंका के कारण मांग में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
फड़णवीस ने कहा, ”मैं सभी से अपील करता हूं कि वे ईंधन का इस तरह से भंडारण न करें कि आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव पड़े। स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।” सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। हालांकि, कुछ विशेष गांवों और स्थानों में ंिहसा की प्रवृत्ति अधिक देखी जा रही है।
पुलिस को भी निर्देश दिया गया है कि ऐसी गतिविधियों से सख्ती से निपटा जाए। वर्ष 2026 के लिए आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्रातक (नीट-यूजी) के प्रश्नपत्र लीक विवाद और इससे जुड़े कुछ छात्रों की आत्महत्या के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि पुनर्परीक्षा में कोई अनियमितता नहीं होगी। उन्होंने कहा, ”जिन लोगों ने नीट परीक्षा में हेराफेरी करने की कोशिश की है, उन्होंने छात्रों के साथ घोर अन्याय किया है।”



