गाय को माता नहीं मानने वाले सत्ता में बैठे लोग हिंदू हृदय सम्राट् नहीं हो सकते: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

गोंडा: ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में बड़े पैमाने पर पशु हत्या और मांस का व्यापार हो रहा है। गोरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा के दौरान गोंडा पहुंचे शंकराचार्य ने बुधवार देर शाम एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा,”सत्ता में बैठे लोग हिंदू हृदय सम्राट नहीं हो सकते क्योंकि वे गाय को माता नहीं बल्कि पशु मानते हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि जिन-जिन मंदिरों में संघ और सरकार के लोग बैठे हैं, वहां कार्यकर्ताओं के बढ़े हुए खर्चे और शौक पूरे करने के लिए मंदिरों के धन पर नजर गड़ाई जा रही है।

राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर उन्होंने तंज कसा कि वहां चोरी नहीं बल्कि “पहले से सेट किए गए कलाकारों द्वारा कलाकारी” की गयी है। अमरनाथ में मात्र पांच दिन में शिवंिलग के अंतर्ध्यान होने के लिए भी शंकराचार्य ने भाजपा सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर में 200 वर्षों से गौमाता की रक्षा का एक सख्त कानून था, जिसमें गौहत्या पर 10 साल की सजा और एक किलो मांस मिलने पर एक साल के कारावास का प्रावधान था। उनके अनुसार, भाजपा सरकार ने इस कानून को हटाकर गौहत्या की खुली छूट दे दी है।

शंकराचार्य ने स्पष्ट कहा कि जहां खुलेआम गौहत्या को बढ़ावा दिया जाएगा, वहां भगवान कैसे दर्शन दे सकते हैं। इसी कारण शिवंिलग अंतर्ध्यान हो गया। उन्होंने मांग की कि सनातन धर्म के मंदिरों का प्रबंधन केवल सनातन धर्म के आचार्यों और उसका पालन करने वालों के हाथों में ही होना चाहिए।

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