सद्गुरु के ‘डीपफेक’ वीडियो का झांसा देकर महिला से 3.75 करोड़ रु की ठगी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 11 Sep 2025 08:08 PM
सद्गुरु के ‘डीपफेक’ वीडियो का झांसा देकर महिला से 3.75 करोड़ रु की ठगी
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बेंगलुरु. कर्नाटक के बेंगलुरु में जालसाजों ने आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव के एआई (कृत्रिम मेधा) से बने ‘डीपफेक’ वीडियो का इस्तेमाल कर 57 वर्षीय एक सेवानिवृत्त महिला को ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर उनसे 3.75 करोड़ रुपये ऐंठ लिये. पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.

पुलिस ने बताया कि सीवी रमन नगर निवासी महिला यूट्यूब वीडियो देखते समय सद्गुरु के एआई से बने वीडियो के झांसे में आ गई.
महिला ने ‘डीपफेक’ तकनीक की जानकारी नहीं होने का दावा किया. महिला ने शिकायत में आरोप लगाया कि 25 फरवरी को जब वह ‘यूट्यूब’ पर वीडियो देख रही थी तब उसे सद्गुरु का एक यूट्यूब वीडियो (एआई से बना) दिखाई दिया, जिसमें वह (सद्गुरु) कह रहे थे कि वह उस फर्म के साथ ट्रेडिंग कर रहे हैं, जिसका लिंक नीचे दिया गया है और अगर आप उस पर क्लिक करके अपना नाम, ईमेल, फोन नंबर डालते हैं तो आपको 250 अमेरिकी डॉलर की राशि प्राप्त होगी.

प्राथमिकी के मुताबिक, कथित वीडियो के विवरण में दिए गए लिंक को असली मानकर महिला ने उस पर क्लिक कर दिया और बाद में वलीद बी. नाम के एक व्यक्ति ने उससे संपर्क किया. प्राथमिकी में बताया गया, वलीद ने ब्रिटेन के कई मोबाइल नंबरों के जरिए महिला से संपर्क किया और उसे ‘मिररॉक्स ऐप’ डाउनलोड करने के लिए कहा. प्राथमिकी के मुताबिक, जालसाज ने महिला को ‘जूम ऐप’ पर उसे ट्रेडिंग की ट्रेनिंग भी दी. पीड़िता ने बताया कि वलीद की अनुपस्थिति में माइकल सी. नाम के एक अन्य व्यक्ति ने उसे ट्रेनिंग दी.

प्राथमिकी में बताया गया कि 25 फरवरी से 23 अप्रैल तक महिला ने अपने बैंक खातों से कथित ट्रेडिंग ऐप के जरिए दिए गए खातों में कुल 3,75,72,121 रुपये का निवेश किया. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि महिला ने जब अपना मुनाफा निकालने की कोशिश की तब उसे एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है.

महिला ने घटना के लगभग पांच महीने बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने बताया, ह्लशिकायत के आधार पर नौ सितंबर को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं और भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (4) (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है.ह्व अधिकारी ने बताया कि ठगे गये रुपयों की वसूली मुश्किल होगी लेकिन वे बैंकों के साथ समन्वय कर रहे हैं ताकि उन कथित खातों को फ्रीज किया जा सके जिनमें जालसाजों की मांग के अनुसार शिकायतकर्ता ने रुपये भेजे थे.

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