
नई दिल्ली: नीट यूजी री-एग्जाम से पहले केंद्र सरकार द्वारा टेलीग्राम (Telegram) पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध के खिलाफ कंपनी ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। टेलीग्राम ने सरकार के इस फैसले को चुनौती देते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की है। यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ के समक्ष उल्लेखित किया गया। याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे आज ही सुनने पर सहमति जताई है।
नीट री-एग्जाम से पहले सरकार ने लगाया अस्थायी प्रतिबंध
दरअसल, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) 21 जून को देश भर में NEET UG री-एग्जाम आयोजित कराने जा रही है। इससे पहले केंद्र सरकार ने टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। सरकार का मानना है कि परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी, प्रश्नपत्र या अन्य संवेदनशील सामग्री के लीक होने की आशंका को देखते हुए यह कदम आवश्यक है।
टेलीग्राम ने की आदेश की समीक्षा की मांग
सरकार के इसी फैसले के खिलाफ टेलीग्राम ने अदालत का रुख किया है। कंपनी का कहना है कि उस पर लगाया गया प्रतिबंध उचित नहीं है और इससे लाखों वैध उपयोगकर्ताओं पर असर पड़ रहा है। इसलिए इस निर्णय की न्यायिक समीक्षा की जानी चाहिए। आज दिल्ली इस मामले पर अहम फैसला सुना सकती है। अदालत का फैसला यह तय करेगा कि NEET UG री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर लगाया गया अस्थायी प्रतिबंध जारी रहेगा या फिर कंपनी को राहत मिलेगी।



