बाइडन प्रशासन आरोपी को रिहा नहीं करता तो नागमल्लैया की हत्या को रोका जा सकता था: एजेंसी

न्यूयॉर्क/वाशिंगटन. अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने कहा है कि डलास में भारतीय मूल के एक होटल प्रबंधक की नृशंस तरीके से हत्या कभी नहीं होती, अगर पूर्ववर्ती बाइडन प्रशासन आरोपी को देश में रिहा नहीं करता. अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन ने सोमवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”एक होटल प्रबंधक की उसके परिवार के सामने क्यूबा से आए एक अवैध विदेशी ने हत्या कर दी. क्यूबा ने दोषी ठहराए गए इस अपराधी को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, इसलिए बाइडन प्रशासन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पदभार ग्रहण करने से एक हफ्ते पहले उसे अमेरिकी सड़कों पर छोड़ दिया.”

चंद्र नागमल्लैया (50) की डाउनटाउन सूट्स मोटल में उनके सहकर्मी योर्डानिस कोबोस-मार्टिनेज ने वाशिंग मशीन को लेकर हुए एक विवाद के बाद हत्या कर दी. 37 वर्षीय कोबोस-मार्टिनेज क्यूबाई नागरिक है और उसका हिंसक आपराधिक इतिहास है. संघीय एजेंसी ने कहा कि इस अपराधी और अवैध विदेशी को अमेरिका में होना ही नहीं चाहिए था. कोबोस-मार्टिनेज को एक ‘घृणित दानव’ करार देते हुए गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) ने कहा कि उसने नागमल्लैया का उसकी पत्नी और बच्चे के सामने सिर कलम कर दिया.

डीएचएस ने कहा कि यही कारण है कि एजेंसी आपराधिक प्रवृत्ति के अवैध विदेशियों को तीसरे देशों में भेज रही है. एजेंसी ने अल सल्वाडोर के टेकोलुका में अधिकतम सुरक्षा वाले आतंकवाद निरोध केंद्र का जिक्र करते हुए कहा, ”राष्ट्रपति ट्रंप और डीएचएस मंत्री क्रिस्टी नोएम अब बर्बर अपराधियों को अमेरिका में अनिश्चित काल तक रहने की अनुमति नहीं दे रहे हैं. अगर आप अवैध रूप से हमारे देश में आते हैं, तो आप एस्वातिनी, युगांडा, दक्षिण सूडान या सीईसीओटी में पहुंच सकते हैं.”

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