
मुंबई: महाराष्ट्र के कांग्रेस विधायक साजिद पठान को गैंगस्टर शुभम लोनकर से रंगदारी की धमकी मिलने के बाद ‘वाई-प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। प्रदेश सरकार के एक मंत्री ने इसकी जानकारी दी। विपक्षी दल की ओर से विधानमंडल में यह मुद्दा उठाए जाने के बाद गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने विधान परिषद में यह घोषणा की। ‘वाई-प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा में 11 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं।
पठान को रंगदारी के लिए आए फोन का मुद्दा कांग्रेस के विधान पार्षद भाई जगताप ने उच्च सदन में और उनके पार्टी सहकर्मी तथा कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने विधानसभा में उठाया। जगताप ने बताया कि अकोला पश्चिम के विधायक पठान को लोनकर ने फोन पर धमकी दी कि उनका भी वही हश्र होगा जो राकांपा नेता बाबा सिद्दीकी का हुआ था, जिनकी अक्टूबर 2024 में मुंबई के बांद्रा इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इसके जवाब में मंत्री कदम ने कहा, ”अगले 24 घंटों के भीतर पठान को वाई-प्लस सुरक्षा दी जाएगी।” मंत्री ने कहा कि इस बात का भी पता लगाया जाएगा कि मुख्यमंत्री द्वारा पहले सुरक्षा का जो आश्वासन दिया गया था, उसे पूरा क्यों नहीं किया गया। इससे पहले, यह मुद्दा विधानसभा में उठाया गया, जहाँ विपक्ष के सदस्यों ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भाजपा नीत सरकार को घेरा।
कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि पठान को बुधवार रात लोनकर से रंगदारी के लिए फोन आया। उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक दिन पहले सदन में कहा था कि देश के बाहर और अंदर से काम करने वाले गिरोहों को फलने-फूलने नहीं दिया जाएगा और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मत्स्य पालन मंत्री नितेश राणे ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही विधानसभा को भरोसा दिला चुके हैं कि सभी विधायकों की सुरक्षा सरकार की ज़म्मिेदारी है और कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विपक्ष पर मुद्दे का राजनीतिकरण करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ”शिकायत दर्ज कराएं, कार्रवाई की जाएगी।”
साजिद पठान ने बताया कि जब उन्हें पहली बार धमकी मिली थी, तो मुख्यमंत्री ने उन्हें (उसी दिन) आधी रात के आसपास फ़ोन किया, सुरक्षा का भरोसा दिलाया और उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई गई। उन्होंने कहा, ”लेकिन फिर से धमकी भरे फ़ोन आ रहे हैं। आख़रि हो क्या रहा है? मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि गिरोहों को खत्म कर दिया जाएगा और कुछ ही घंटों बाद मुझे रंगदारी के लिए फ़ोन आता है। मैं धमकियों से डरता नहीं हूं।” इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए अध्यक्ष नार्वेकर ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की ज़म्मिेदारी है। उन्होंने सदन को भरोसा दिलाया कि खतरे का आकलन करने के बाद उचित सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।



