
करूर. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद हेमा मालिनी ने मंगलवार को दावा किया कि करूर में तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) प्रमुख विजय की रैली के दौरान आयोजन स्थल के संकरा होने और कार्यक्रम के दौरान बिजली गुल हो जाने में ‘कुछ तो गड़बड़’ लगता ही है, क्योंकि ये बातें स्वाभाविक नहीं हो सकती हैं.
हेमा मालिनी 27 सितंबर को वेलुसामीपुरम में हुई भगदड़ से जुड़ी परिस्थितियों की जांच के लिए यहां आये राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के आठ-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही हैं. इस भगदड़ में 41 लोगों की जान चली गयी और लगभग 60 घायल हो गए थे. उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन द्वारा कार्यक्रम के वास्ते ‘संकरा आयोजन स्थल’ मुहैया कराया जाना ‘अनपयुक्त’ है. हेमा मालिनी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ”विजय की रैली के दौरान बिजली गुल हो गई थी. कुछ गड़बड़ लग रहा है, यह स्वाभाविक नहीं है.”
करूर में विजय की रैली के लिए बड़ा स्थल क्यों नहीं मुहैया कराया गया: तेजस्वी सूर्या
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद तेजस्वी सूर्या ने सवाल किया है कि स्थानीय अधिकारियों ने अभिनेता विजय की रैली के लिए एक बड़े स्थल की अनुमति क्यों नहीं दी. सूर्या भगदड़ के कारणों का आकलन करने के लिए करूर गए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं.
सूर्या ने दावा किया कि विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कषगम’ (टीवीके) ने 10,000 लोगों के लिए जगह की मांग की थी, लेकिन स्थानीय अधिकारियों ने उन्हें केवल 5,000 लोगों की क्षमता वाले स्थल पर जाने के लिए ‘मजबूर’ किया. सूर्या ने यहां मीडिया से बातचीत के दौरान पूछा, ”बड़े मैदान के लिए अनुमति क्यों नहीं दी गई और कार्यक्रम को केवल 5,000 लोगों की क्षमता वाले स्थल पर आयोजित करने के लिए क्यों मजबूर किया गया, जबकि आयोजकों ने स्पष्ट रूप से कहा था कि उन्हें 10,000 लोगों के उपस्थित होने का अनुमान है.” इस दुखद घटना पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा, ”विजय के प्रवेश करते ही बिजली क्यों गुल हो गई? कोई बैकअप व्यवस्था क्यों नहीं की गई?” इस भगदड़ में 41 लोग मारे गए और कई घायल हो गए) प्रतिनिधिमंडल में शामिल भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने इस घटना की जांच उच्चतम न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश से कराने का सुझाव दिया.



