प्रधानमंत्री मोदी ने आरएसएस के शताब्दी समारोह पर 100 रुपये का सिक्का और डाक टिकट जारी किया

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 01 Oct 2025 08:37 PM
प्रधानमंत्री मोदी ने आरएसएस के शताब्दी समारोह पर 100 रुपये का सिक्का और डाक टिकट जारी किया
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में बुधवार को एक विशेष डाक टिकट और एक स्मारक सिक्का जारी किया, जिसमें पहली बार भारतीय मुद्रा पर भारत माता की छवि अंकित है.
सौ रुपये के सिक्के पर एक तरफ राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न है, तो दूसरी तरफ सिंह पर विराजमान भारत माता की छवि जबकि स्वयंसेवक भक्ति और समर्पण के साथ उनके सामने नतमस्तक होते दिख रहे हैं.

इस मौके पर मोदी ने कहा, ”स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार भारतीय मुद्रा पर भारत माता की छवि अंकित की गई है, जो अत्यंत गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण है.” सिक्के पर संघ का मार्गदर्शक आदर्श वाक्य ”राष्ट्राय स्वाहा, इदं राष्ट्राय, इदं न मम” भी अंकित है, जिसका अर्थ है ”सब कुछ राष्ट्र को सर्मिपत, सब कुछ राष्ट्र का है, कुछ भी मेरा नहीं है.” डाक टिकट पर 1963 में गणतंत्र दिवस परेड में आरएसएस स्वयंसेवकों की भागीदारी को दर्शाया गया है, जो संगठन के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित करता है. मोदी ने इसे भारत माता और आरएसएस की सेवा और समर्पण की शताब्दी लंबी यात्रा के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताया.

शताब्दी समारोह का आयोजन संस्कृति मंत्रालय द्वारा किया गया था और इसमें आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबाले, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल हुए. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा 1925 में नागपुर में स्थापित आरएसएस की स्थापना एक स्वयंसेवी संगठन के रूप में हुई थी जिसका उद्देश्य नागरिकों में सांस्कृतिक जागरूकता, अनुशासन, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व को ब­ढ़ावा देना था. मोदी स्वयं एक आरएसएस प्रचारक थे और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में आने से पहले एक कुशल संगठनकर्ता के रूप में अपनी पहचान बना चुके थे. भाजपा की वैचारिक प्रेरणा हिंदुत्ववादी संगठन से मिलती है.

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