छत्तीसग­ढ़ में रिश्वत लेने के तीन मामलों में चार कर्मचारी गिरफ्तार

रायपुर. छत्तीसग­ढ़ में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के दल ने राज्य के तीन अलग-अलग शहरों में कार्रवाई करते हुए चार लोगों को कथित तौर पर रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.
अधिकारियों ने बताया कि एसीबी दल ने राज्य के जांजगीर-चांपा जिले में 1.80 लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में एसडीएम कार्यालय में पदस्थ अमीन पटवारी और ऑपरेटर को गिरफ्तार किया है.

उन्होंने बताया कि सक्ती जिले के रायपुरा गांव निवासी प्रार्थी बुधराम धीवर ने शिकायत की थी कि उसकी तथा उसकी बहन के नाम पर जांजगीर-चांपा के कोसमंदा गांव में जमीन थी. उसने शिकायत में कहा था कि जमीन का अधिग्रहण राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए किया गया था, जिसके लिए उन्हें अगस्त 2025 में 35,64,099 रुपये का मुआवजा मंजूर हुआ.

अधिकारियों ने शिकायत के हवाले से बताया कि एसडीएम कार्यालय चांपा के भू-अर्जन शाखा के अमीन पटवारी बिहारी सिंह और आपरेटर राजकुमार ने उससे मुआवजा राशि निकलवाने में मदद के नाम पर 1.80 लाख रुपये रिश्वत की मांग की. उन्होंने बताया कि प्रार्थी की शिकायत के सत्यापन के बाद आज एसीबी दल ने बिहारी सिंह और राजकुमार को प्रार्थी धीवर से पैसे लेते हुए पकड़ लिया. अधिकारियों ने बताया कि एक अन्य कार्रवाई में एसीबी दल ने बस्तर जिले में एक लिपिक को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया.

उन्होंने बताया कि बस्तर जिले के दरभा क्षेत्र निवासी सामनाथ बघेल ने शिकायत की थी कि सांप काटने से उनकी पत्नी सामबती बघेल की इस वर्ष 27 मई को मृत्यु हो गई थी. अधिकारियों ने बताया कि बघेल ने शिकायत में कहा कि मुआवजा राशि प्राप्त करने के लिए उसने दरभा तहसील कार्यालय में पदस्थ बाबू हेम कुमार पाणिग्रही से मुलाकात की थी और पाणिग्रही ने इसके लिए उससे 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी.

अधिकारियों ने बताया कि शिकायत के सत्यापन के दौरान पता चला कि बाद में पाणिग्रही ने बघेल से 25 हजार रुपये लेने पर सहमत हुआ. अधिकारियों ने बताया कि आज जब पाणिग्रही, बघेल से 25 हजार रुपये ले रहा था तब उसे गिरफ्तार कर लिया गया. उन्होंने बताया कि इसी तरह एसीबी ने राज्य के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में कार्रवाई करके लोक निर्माण विभाग के सब इंजीनियर को 21 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया.

अधिकारियों ने बताया कि मनेंद्रग­ढ़ निवासी अंकित मिश्रा ने शिकायत की थी कि उसे लोक निर्माण विभाग मनेंद्रगढ़ द्वारा मनेंद्रगढ़ व्यवहार अदालत में बार रूम विस्तारीकरण के लिए निविदा प्राप्त हुई थी, जिसके लिए उसे वर्क आर्डर भी जारी किया गया था. अधिकारियों ने शिकायत के हवाले से बताया कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद बिल के भुगतान के लिए अंकित मिश्रा ने निर्माण कार्य का भौतिक सत्यापन कराने के लिए सब इंजीनियर सी पी बंजारे से मुलाकात की, तब बंजारे से उससे 25 हजार रुपये रिश्वत की मांग की.

उन्होंने बताया कि शिकायत के सत्यापन के दौरान पता चला कि बाद में बंजारे 21 हजार रुपये लेने पर सहमत हुआ, आज जब बंजारे शिकायतकर्ता मिश्रा ने पैसे ले रहा था तब उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया. अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है.

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