हार्दिक लौटे तो नीतीश का क्या होगा? क्या दोनों एकसाथ प्लेइंग-11 में खेल सकते हैं? गंभीर ने बताया

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने हार्दिक पांड्या और नीतीश रेड्डी को लेकर टीम के भविष्य के संयोजन पर बड़ा संकेत दिया है। गंभीर ने कहा है कि अगर हार्दिक 50 ओवर के प्रारूप में 10 ओवर गेंदबाजी करने के लिए पूरी तरह फिट हो जाते हैं तो भारत दोनों ऑलराउंडरों को एक ही प्लेइंग-11 में उतार सकता है। हार्दिक मई से क्वाड्रिसेप्स की चोट के कारण क्रिकेट से दूर हैं। इसी वजह से उन्हें आगामी वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भी नहीं चुना गया है। फिलहाल वह 10 ओवर गेंदबाजी करने की स्थिति में नहीं हैं। अगले साल दक्षिण अफ्रीका में होने वाले विश्व कप को देखते हुए भारत के लिए तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

 

गंभीर ने कहा- दोनों साथ खेल सकते हैं
अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के बाद मीडिया से बातचीत में गंभीर ने हार्दिक और नीतीश को एक साथ खिलाने की संभावना पर बात की। उन्होंने कहा, ‘जब हार्दिक वापस आएंगे तो जाहिर तौर पर यह अच्छी बात होगी। कभी-कभी हम दोनों को ही प्लेइंग-11 में खिला सकते हैं।’

हालांकि, गंभीर ने इसके साथ हार्दिक की फिटनेस को सबसे महत्वपूर्ण पहलू बताया। उन्होंने कहा, ‘लेकिन अभी हार्दिक 10 ओवर गेंदबाजी नहीं कर सकते हैं और उन्होंने आईपीएल के बाद ज्यादा क्रिकेट भी नहीं खेला है। इसलिए हम उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जल्दबाजी में नहीं उतारना चाहते, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट शरीर के लिए काफी कठिन हो सकता है।’ यानी वनडे में हार्दिक और नीतीश का साथ खेलना केवल बल्लेबाजी के विकल्प पर निर्भर नहीं करेगा। हार्दिक की गेंदबाजी क्षमता भी टीम संयोजन में बड़ी भूमिका निभाएगी।

पहले इंडिया ए के साथ फिटनेस साबित करेंगे हार्दिक
गंभीर ने बताया कि हार्दिक को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी से पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंडिया ए सीरीज में खेलना होगा। अगले महीने पुडुचेरी में होने वाली इस सीरीज के जरिए उन्हें मैच अभ्यास हासिल करने का मौका मिलेगा। गंभीर ने कहा, ‘अगर वह इंडिया ए सीरीज खेलते हैं तो उन्हें कुछ मैच समय मिलेगा। उन्हें यही स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अगर वह उस ए सीरीज में खेल सकते हैं और सब कुछ ठीक रहता है, तो वह टी20 और वनडे टीम का हिस्सा बनकर वापस आ सकते हैं।’ हार्दिक की चोटों को देखते हुए टीम प्रबंधन उनकी वापसी में किसी तरह की जल्दबाजी नहीं करना चाहता।

नीतीश को मिलेंगे ज्यादा मौके
दूसरी तरफ नीतीश रेड्डी को एशियन गेम्स की टी20 टीम से हटा लिया गया है, ताकि वह आगामी वनडे क्रिकेट पर ज्यादा ध्यान दे सकें। गंभीर का मानना है कि इससे युवा ऑलराउंडर को ज्यादा मैच खेलने और अपनी गेंदबाजी विकसित करने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘नीतीश के नजरिये से देखें तो यह वास्तव में अच्छी बात है कि उन्हें टी20 प्रारूप से हटाया गया है और उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ भी मैच खेलने का समय मिलेगा। हम जानते हैं कि जब लगभग एक साल बाद दक्षिण अफ्रीका जाएंगे तो तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर कितने महत्वपूर्ण होंगे।’ गंभीर ने आगे कहा, ‘इस बीच नीतीश को भी ज्यादा मैच खेलने का समय मिलेगा, क्योंकि आईपीएल के बाद उन्होंने भी पर्याप्त क्रिकेट नहीं खेला है। आपने देखा है कि वह जितनी ज्यादा गेंदबाजी करते हैं, उतने ही बेहतर होते जाते हैं।’

अफगानिस्तान के खिलाफ गेंद से किया प्रभावित
नीतीश ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 में शुरुआत अच्छी नहीं की। उन्हें पारी का पहला ओवर सौंपा गया, जिसमें उन्होंने 15 रन खर्च कर दिए। लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी की और तीन विकेट हासिल किए। इससे पहले सीरीज के दूसरे टी20 में भी नीतीश ने तीन विकेट लिए थे। गंभीर ने उनके प्रदर्शन को टीम के लिए बड़ा सकारात्मक पहलू बताया।

उन्होंने कहा, ‘यह हमारे लिए बहुत बड़ा सकारात्मक पहलू है, क्योंकि हम चाहते हैं कि उसे ज्यादा से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का मौका मिले। हम जानते हैं कि वह कितना महत्वपूर्ण है। चाहे 50 ओवर का प्रारूप हो या आगे चलकर टी20, ऐसे खिलाड़ी बहुत ज्यादा नहीं हैं जो गेंदबाजी करने के साथ मध्यक्रम में बल्लेबाजी भी कर सकें।’

गंभीर ने कहा कि पहले मुकाबले में अच्छी शुरुआत नहीं मिलने के बावजूद नीतीश ने जिस तरह वापसी की, वह उनके विकास को दिखाता है। उन्होंने कहा, ‘हम हमेशा जानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जितनी ज्यादा गेंदबाजी करेंगे, उतना बेहतर होते जाएंगे और आज उसने यही दिखाया है।’

विश्व कप से पहले तैयार करना है विकल्प
गंभीर के बयान से साफ है कि टीम प्रबंधन दक्षिण अफ्रीका में होने वाले विश्व कप को ध्यान में रखते हुए तेज गेंदबाजी ऑलराउंडरों के विकल्प तैयार कर रहा है। हार्दिक भारत के अनुभवी विकल्प हैं, जबकि नीतीश लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी जगह मजबूत कर रहे हैं। गंभीर ने कहा, ‘जब आप कुछ तेज गेंदबाजी ऑलराउंडरों को विकसित कर सकते हैं तो लगभग एक साल बाद यह हमेशा आपके लिए उपयोगी होगा।’

ऐसे में हार्दिक की फिटनेस और नीतीश का लगातार मैच खेलना भारतीय टीम के अगले बड़े लक्ष्य के लिए महत्वपूर्ण होगा। अगर हार्दिक 10 ओवर गेंदबाजी करने की क्षमता हासिल कर लेते हैं और नीतीश अपनी मौजूदा प्रगति जारी रखते हैं, तो दोनों को एक साथ मैदान पर उतारने का विकल्प भारतीय टीम के पास मौजूद रहेगा।

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