बेंगलुरु सुरंग सड़क परियोजना के विरुद्ध भाजपा नेताओं का हस्ताक्षर अभियान, मौन विरोध प्रदर्शन भी

बेंगलुरु. कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं ने रविवार को बेंगलुरु में राज्य सरकार की प्रस्तावित सुरंग सड़क परियोजना के खिलाफ लालबाग वनस्पति उद्यान में हस्ताक्षर अभियान चलाया और मौन प्रदर्शन किया. विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक और बेंगलुरु दक्षिण के सांसद तेजस्वी सूर्या के नेतृत्व में “बेंगलुरु बचाओ- सुरंग रोको” नारे के तहत आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में शहर के कई भाजपा विधायक भी शामिल हुए.

नेताओं ने प्रस्तावित परियोजना के बारे में लालबाग में जनता से और सुबह की सैर करने वालों से भी बातचीत की. भाजपा नेताओं और अन्य कार्यकर्ताओं ने लालबाग पर इस परियोजना के संभावित पर्यावरणीय प्रभाव पर चिंता जताई और कहा है कि यह बेंगलुरु के लिए स्पष्ट रूप से एक ”आपदा” होगी. नेताओं ने आरोप लगाया है कि लालबाग में इस परियोजना के लिए छह एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा. भाजपा के हस्ताक्षर अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने कहा कि वह अशोक के नेतृत्व में सुरंग सड़क को लेकर एक समिति गठित करने के लिए तैयार हैं और इसके सदस्यों का चयन भी उनकी सिफारिशों के अनुसार किया जाएगा.

शिवकुमार ने कहा, ”उन्हें समाधान बताने दीजिए.” बेंगलुरु के प्रभारी मंत्री शिवकुमार ने कहा, ”यह (परियोजना) मेरी या किसी और की संपत्ति नहीं है, यह जनता की भलाई के लिए है. मैंने पूरा अध्ययन किया है, मैं इतना मूर्ख नहीं हूं कि लालबाग को नष्ट होने दूंगा. वे (भाजपा) राजनीति कर रहे हैं, क्या मेट्रो परियोजना में सुरंगें नहीं हैं? वे (विपक्ष) विकास नहीं चाहते.” प्रस्तावित 16.75 किलोमीटर लंबी सुरंग सड़क सिल्क बोर्ड और हेब्बल को जोड़ेगी. इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 17,800 करोड़ रुपये है.

इससे पहले दिन में पत्रकारों से बात करते हुए अशोक ने कहा, ”यह नागरिकों के लिए कोई दोहरी सुरंग वाली सड़क नहीं है, बल्कि एक ‘वीआईपी कॉरिडोर’ है.” उन्होंने कहा, ”सुरंग सड़क परियोजना से मध्यम वर्ग और निम्न मध्यम वर्ग के गरीबों को कोई लाभ नहीं होगा, जो बेंगलुरु की 90 प्रतिशत से ज्यादा आबादी का हिस्सा हैं.” भाजपा नेता ने कहा, ”सुरंग वाली सड़क पर दोपहिया वाहनों की अनुमति नहीं है, केवल कारों की अनुमति है. शहर में 70 प्रतिशत वाहन दोपहिया वाहन हैं. यह एक वीआईपी परियोजना है. बेंगलुरु नगर निगम को इस परियोजना के लिए 8,000 करोड़ रुपये का ऋण लेना होगा, इसके लिए निविदा आमंत्रित की गई है.”

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