
पटना/रांची. बिहार के मोकामा विधानसभा क्षेत्र से जनता दल (यूनाइटेड)-जद (यू) के उम्मीदवार एवं पूर्व विधायक अनंत सिंह को जन सुराज समर्थक दुलार चंद यादव की हत्या के मामले में रविवार तड़के गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने बताया कि इस मामले में दो अन्य व्यक्तियों मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम को भी गिरफ्तार किया गया है. राजधानी पटना से करीब 200 किलोमीटर दूर बाढ़ स्थित आवास से अनंत सिंह को हिरासत में ले लिया गया. तीनों आरोपियों को दिन में अदालत में पेश किया जाएगा.
पुलिस के अनुसार, यादव की हत्या बृहस्पतिवार को पटना जिले के मोकामा क्षेत्र में हुई थी, जब वह जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के पक्ष में प्रचार कर रहे थे. यह घटना भदौर और घोसवरी थाना क्षेत्रों के बीच हुई थी. पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्तिकेय शर्मा ने शनिवार देर रात जिलाधिकारी एस एम थायागराजन के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में बताया, ”पुलिस ने दुलार चंद यादव की हत्या के मामले में तीन लोगों – अनंत सिंह, मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम को गिरफ्तार किया है.” उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ है कि यादव की मौत हृदय और फेफड़ों पर किसी कठोर और भारी वस्तु से प्रहार के कारण हुए शॉक से कार्डियोरेस्पिरेटरी फेल्योर के कारण हुई.
एसएसपी ने कहा, ”इस आधार पर जांच से यह साबित होता है कि यह हत्या का मामला है.” उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में तीनों आरोपियों की मौजूदगी घटना स्थल पर पाई गई है. उन्होंने कहा, ”हत्या की जांच के लिए चार प्राथमिकी दर्ज की गई हैं. जिनमें एक आदर्श आचार संहिता उल्लंघन से संबंधित है.” पुलिस अधिकारी ने बताया कि इनमें से एक प्राथमिकी में अनंत सिंह का नाम भी शामिल है.
कई आपराधिक मामलों में नामजद और ‘स्थानीय दबंग’ माने जाने वाले अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी फिलहाल मोकामा से विधायक हैं. अनंत सिंह पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का भी मामला दर्ज किया गया है, क्योंकि उनके काफिले में बड़ी संख्या में वाहनों के चलने की शिकायतें मिली थीं.
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अनंत सिंह ने पहले माना था कि उनके समर्थकों और मृतक के बीच झड़प हुई थी, लेकिन उन्होंने इसका ठीकरा अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी सूरजभान सिंह पर फोड़ा, जिनकी पत्नी वीणा देवी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की प्रत्याशी हैं.
दुलार चंद यादव, 1990 के दशक के कुख्यात अपराधी माने जाते थे और अनंत सिंह के प्रतिद्वंद्वी माने जाते थे. वह प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी से जुड़े पीयूष प्रियदर्शी का समर्थन कर रहे थे.
राजद नेता और ‘इंडिया’ गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ”यह कार्रवाई पहले ही हो जानी चाहिए थी. बिहार में हर दिन हत्या जैसी घटनाएं हो रही हैं, यही तो असली जंगलराज है. आज प्रधानमंत्री चुनाव प्रचार के लिए बिहार आ रहे हैं, लेकिन उन्हें यह सब नजर नहीं आता.” तेजस्वी ने दावा किया, ”14 नवंबर को परिणाम आने के बाद इंडिया गठबंधन सरकार बनाएगा और 18 नवंबर को वह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.”
उन्होंने कहा, ”26 नवंबर से 26 जनवरी के बीच, चाहे कोई भी जाति या धर्म का हो, सभी अपराधियों को जेल भेजा जाएगा.” इस बीच, दुलार चंद यादव के पोते ने रविवार को कहा कि परिवार ‘ब्रह्मभोज’ का आयोजन तब तक नहीं करेगा जब तक ”सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर फांसी की सजा नहीं दी जाती.” उन्होंने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ”हम मांग करते हैं कि मेरे दादा की हत्या में शामिल सभी पांच लोगों को गिरफ्तार कर सजा दी जाए. उन्हें उनके विरोधियों ने प्रशासन की मदद से मारा. जब तक सभी को गिरफ्तार नहीं किया जाता, हम ब्रह्मभोज नहीं करेंगे.” इस घटना को गंभीरता से लेते हुए निर्वाचन आयोग ने शनिवार को पटना के ग्रामीण क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग का तबादला करने और तीन अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए.
निर्वाचन आयोग ने कहा, ”पटना (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग को तत्काल स्थानांतरित किया जाए और उनके स्थान पर नए अधिकारी की तैनाती के लिए पैनल भेजा जाए.” बिहार में दो चरणों में छह और 11 नवंबर को मतदान होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी.
आपराधिक मामलों के आरोपियों को राजग सरकार में नहीं मिलता संरक्षण: बाबूलाल मरांडी
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड इकाई के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (शासित) राज्यों में आपराधिक मामलों के आरोपियों को संरक्षण नहीं मिलता है. उनकी यह टिप्पणी जन सुराज पार्टी के समर्थक दुलार चंद यादव की हत्या के सिलसिले में बिहार के पूर्व विधायक अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद आई है.
बिहार से चुनाव प्रचार से लौटने के बाद जमशेदपुर में मरांडी ने कहा, “भाजपा बिहार में अगली सरकार बनाने जा रही है. यह भविष्यवाणी लोगों के उत्साह पर आधारित है.” सिंह की गिरफ्तारी पर भाजपा नेता ने कहा, “इससे यह अच्छा संदेश जाएगा कि राजग शासित राज्यों में आपराधिक मामलों के आरोपी लोगों को संरक्षण नहीं मिलता. अगर किसी व्यक्ति पर कोई आरोप है, तो उसे गलत साबित होने तक इंतजार करना पड़ता है. अनंत सिंह को एक मामले में आरोपी बनाया गया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. अब कानून अपना काम करेगा.” बिहार पुलिस ने बताया कि बिहार की मोकामा सीट से जद (यू) उम्मीदवार सिंह को दुलार चंद यादव की हत्या के सिलसिले में शनिवार देर रात एक अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया.
सभी पांच आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक नहीं करेंगे ब्रह्मभोज: दुलारचंद का पोता
जन सुराज के समर्थक दुलार चंद यादव की हत्या के मामले में पूर्व विधायक और जनता दल (यूनाइटेड) प्रत्याशी अनंत सिंह की गिरफ्तारी के कुछ घंटे बाद मृतक के पोते नीरज ने रविवार को कहा कि जब तक ”सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता और उन्हें फांसी की सजा नहीं दी जाती”, तब तक परिवार ब्रह्मभोज का आयोजन नहीं करेगा.
नीरज ने ‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत में कहा, ”हम मांग कर रहे हैं कि मेरे दादा की हत्या में शामिल सभी पांच लोगों को गिरफ्तार किया जाए. विरोधियों ने प्रशासन की मदद से मेरे दादा की हत्या कराई. जब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर फांसी नहीं दी जाती, हम ब्रह्मभोज नहीं करेंगे.”
बिहार में कानून के राज का भाजपा का दावा; विपक्ष ने सरकार की नीयत पर उठाए सवाल
बिहार के मोकामा हत्याकांड के सिलसिले में जनता दल (यूनाइटेड) के प्रत्याशी एवं बाहुबली नेता अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद राज्य में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. जहां विपक्ष सरकार पर अपराधियों को बचाने का आरोप लगा रहा है, वहीं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेता इसे ”कानून का राज” और ”निष्पक्ष कार्रवाई” की मिसाल बता रहे हैं.
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर कहा कि राज्य में कानून का राज स्थापित है और पुलिस को न्याय सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है. उन्होंने कहा, ”कानून अपना काम कर रहा है. अदालत इन सब पर बारीकी से नजर रखती है और अंतत? वही उचित निर्णय लेती है.” केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर निशाना साधते हुए कहा कि ”तेजस्वी यादव जानते हैं कि उनके अधिकांश नेता अपराधियों को संरक्षण देने वाले लोग हैं. वर्ष 1990 से 2005 तक के जंगलराज में अपराधियों को हर जगह शरण मिली. नरसंहार, बलात्कार, हत्या और डकैती जैसे अपराध करने वाले लोग राजद के मंत्रियों के घरों में शरण लेते थे. अपराधियों को संरक्षण देना, परिवारवाद करना और गरीबों की जमीन हड़पना राजद के स्वभाव में शामिल है.”
वहीं, केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने कहा, ”अगर हमारी सरकार अपराधियों को संरक्षण देती, तो कल रात की कार्रवाई नहीं हुई होती. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा कहते हैं कि हम न किसी को फंसाते हैं, न किसी को बचाते हैं. यह गिरफ्तारी न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसमें किसी भी तरह के पक्षपात की गुंजाइश नहीं है.” उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार इंतजार नहीं करती तथा जैसे ही तथ्य और सबूत मिलते हैं, तुरंत कार्रवाई होती है. उन्होंने कहा कि राजग सरकार में न्याय में देरी नहीं होती, सख्त से सख्त सजा दी जाती है.
इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सांसद मीसा भारती ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा, ”मोकामा की पूरी घटना लोगों ने देखी. अनंत सिंह के 60 गाड़ियों के काफिले ने बाजार में शक्ति प्रदर्शन किया. यह कार्रवाई बिहार सरकार की ओर से नहीं, बल्कि जनता और निर्वाचन आयोग के दबाव में की गई है.” उन्होंने कहा कि अगर सरकार में सचमुच कानून का राज होता, तो यह कार्रवाई बहुत पहले हो जाती, न कि तब, जब जनता आक्रोशित हुई और विपक्ष ने सवाल उठाने शुरू किए.
वहीं, राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने इसे ‘खानापूर्ति करने वाली गिरफ्तारी’ करार देते हुए दावा किया कि जब सरकार की फजीहत होने लगी, तब प्रशासन हरकत में आया. उन्होंने कहा, ”तेजस्वी यादव लगातार सवाल पूछ रहे थे कि मोकामा गोलीकांड पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही. यह गिरफ्तारी देरी से हुई है, जिससे साफ है कि सरकार ने केवल दबाव में आकर कदम उठाया.” उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि चुनाव के समय सरकारी निष्पक्षता पर भी संदेह पैदा करती है.
दुलार चंद यादव हत्याकांड : अनंत सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया
बिहार में पटना की एक अदालत ने मोकामा सीट से जनता दल (यूनाइटेड)-जद (यू) उम्मीदवार अनंत सिंह और उनके दो सहयोगियों को जन सुराज पार्टी समर्थक दुलार चंद यादव की हत्या के सिलसिले में रविवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. मोकामा विधानसभा सीट से जद(यू) के प्रत्याशी अनंत सिंह को उनके सहयोगियों मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम के साथ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत में पेश किया गया. ये तीनों इससे पहले यादव की हत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए थे. सिंह के अधिवक्ता नवीन कुमार ने बताया, “अदालत ने अनंत सिंह और दोनों अन्य आरोपियों को दो सप्ताह की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया.” इसके बाद पुलिस उन्हें पटना स्थित बेऊर जेल ले गई.



