
कोलकाता/गुवाहाटी. पश्चिम बंगाल में कम से कम 48 बांग्लादेशी घुसपैठियों को उस समय गिरफ्तार कर लिया गया, जब वे उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट सीमा क्षेत्र से अवैध रूप से दूसरे देश में जाने की कोशिश कर रहे थे. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी.
अधिकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की घोषणा के बाद ये घुसपैठिए भारत छोड़ने की कोशिश कर रहे थे. अधिकारी ने बताया कि रविवार को बीएसएफ ने 33 बांग्लादेशियों को पकड़कर स्वरूपनगर पुलिस थाने को सौंप दिया जबकि शनिवार रात 15 अन्य को गिरफ्तार किया गया.
बीएसएफ अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोग पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में घरेलू सहायकों व दिहाड़ी मजदूरों के तौर पर काम करते थे. उन्होंने कहा कि ”एसआईआर की घोषणा के बाद हिरासत में लिए जाने या निर्वासित किए जाने के डर से” वे अपने देश लौटने की कोशिश कर रहे थे. एसआईआर के दौरान बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) मतदाताओं के विवरण की पुष्टि के लिए घर-घर जाकर संपर्क करते हैं.
असम: बांग्लादेश से आए 16 अवैध प्रवासियों को वापस भेजा गया
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बताया कि श्रीभूमि जिले से 16 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़कर वापस भेज दिया गया है. शर्मा ने शनिवार रात ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “असम में ‘मियां भाई की डेयरिंग’ नहीं चलेगी! बांग्लादेश से आए 16 अवैध प्रवासी नापाक इरादों से असम में घुस आए. उन्हें इसके परिणाम भुगतने पड़े.” उन्होंने श्रीभूमि जिले में पुलिस के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे हर अवैध प्रवासी को पकड़कर असम से वापस भेजा जाएगा.
असम के श्रीभूमि, कछार, धुबरी और दक्षिण शालमारा-मानकाचर जिलों में बांग्लादेश से लगी 267.5 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है. श्रीभूमि के सुतारकंडी में एक एकीकृत जांच चौकी (आईसीपी) है. पूर्वोत्तर में भारत-बांग्लादेश सीमा पर कुल तीन एकीकृत चौकियां हैं, और अन्य दो चौकियां मेघालय के दावकी और त्रिपुरा के अखौरा में हैं. इस क्षेत्र में भारत-भूटान सीमा पर असम के दरांग में एक और एकीकृत चौकी है.



