महाराष्ट्र सरकार का अगले साल 30 जून तक किसानों की कर्जमाफी का फैसला अस्वीकार्य : उद्धव

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 05 Nov 2025 10:38 PM
महाराष्ट्र सरकार का अगले साल 30 जून तक किसानों की कर्जमाफी का फैसला अस्वीकार्य : उद्धव
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छत्रपति संभाजीनगर. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि कृषि ऋण माफी पर निर्णय के लिए राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 30 जून, 2026 की तारीख ”स्वीकार्य नहीं” है. उद्धव ने बुधवार को यहां एक गांव में किसानों से बातचीत के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि अगर सरकार ऋण माफ करने की योजना बना रही है तो क्या किसानों को अपनी किश्तें चुकाना जारी रखना होगा? शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख ने बुधवार को छत्रपति संभाजीनगर के पैठण तालुका के नांदर गांव से अपने चार दिवसीय मराठवाड़ा दौरे की शुरुआत की, जहां उन्होंने किसानों से बातचीत की. वह दिन में बाद में पाली (बीड), पाथरुड, शिरसाव (धाराशिव) और घरी (सोलापुर) गांवों का दौरा भी करेंगे.

मुख्यमंत्री फडणवीस ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि कृषि ऋण माफी पर निर्णय अगले वर्ष 30 जून तक लिया जाएगा. फडणवीस ने कहा था कि सबसे पहले यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि किसानों को बा­ढ़ राहत के लिए मुआवजा मिले और साथ ही रबी की बुवाई की तैयारी भी की जाए.

कृषि ऋण माफी पर समयसीमा को लेकर सरकार की आलोचना करते हुए ठाकरे ने कहा, ”यह तारीख हमें स्वीकार्य नहीं है. हम किसानों को उनके नुकसान के मुआवजे के रूप में प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपये की मांग कर रहे हैं. किसानों को अब कर्जमाफी की भी जरूरत है. सरकार का कहना है कि वह इस मुद्दे का अध्ययन करना चाहती है.”

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ” इससे पहले, मेरी सरकार के दौरान, हमने अध्ययन किया था और उसका विवरण अब भी सरकार के पास है. हमारी सरकार ने तब ऋण माफी की थी.” उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने अब ऋण माफी के लिए 30 जून, 2026 की नयी तारीख दी है. ठाकरे ने सवाल किया, ”यदि अगले वर्ष जून में ऋण माफ होने वाला है तो क्या किसानों को अब अपनी किश्तें चुकानी चाहिए या नहीं? यदि हां, तो किसान यह राशि कैसे देंगे? ” ठाकरे ने मांग की कि किसानों को अब कर्ज माफी दी जानी चाहिए.

फसल नुकसान पर महाराष्ट्र के किसान को मिली छह रुपये की मदद; बोला: एक कप चाय भी नहीं खरीद सकता

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के एक किसान ने बुधवार को दावा किया कि भारी बारिश और उसके बाद आई बा­ढ़ के कारण फसल को हुए नुकसान के लिए सरकार से उसे केवल छह रुपये का मुआवजा मिला है. किसान दिगंबर सुधाकर तांगडे पैठण तालुका के दावरवाड़ी गांव के निवासी हैं. तांगडे ने पैठण के नांदर गांव में शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे के दौरे से इतर संवाददाताओं से बात की. ठाकरे मराठवाड़ा क्षेत्र के दौरे के तहत किसानों से बातचीत कर रहे हैं.

हाल ही में, राज्य के अकोला जिले के कुछ गांवों के किसानों ने दावा किया कि भारी बारिश के कारण फसल को हुए नुकसान के लिए उन्हें केंद्रीय बीमा योजना के तहत मात्र तीन रुपये और 21 रुपये का मुआवजा मिला है, तथा उन्होंने इस सहायता को “अपमानजनक” और उनकी दुर्दशा का “मजाक” बताया. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के तहत सहायता पाने वाले किसानों ने बाद में जिला कलेक्टर कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया और चेक के माध्यम से राशि वापस कर दी.

तांगडे ने कहा, “मेरे पास सिर्फ दो एकड़ जमीन है. मुझे मैसेज आया कि मेरे बैंक खाते में छह रुपये जमा हो गए हैं. सरकार को इतना कम भुगतान करने में शर्म आनी चाहिए. यह रकम एक कप चाय खरीदने के लिए भी पर्याप्त नहीं है. सरकार ने किसानों के साथ बहुत बड़ा मज.ाक किया है.” उन्होंने कहा, ”हम कर्ज माफी चाहते हैं और सरकार का मेरे खाते में छह रुपये जमा करना किसानों के साथ मजाक है. हमारा राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन कम से कम (पूर्व मुख्यमंत्री) उद्धव ठाकरे ने अपने कार्यकाल में कर्ज माफी तो की. इस सरकार ने भी पहले इसकी घोषणा की थी, लेकिन कुछ नहीं किया.”

उन्होंने कहा, “लोग पिछले दो महीनों से मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं. अब वे इतनी छोटी रकम भेज रहे हैं.” राज्य के कुछ हिस्सों, विशेषकर मराठवाड़ा क्षेत्र के कुछ जिलों में किसानों को अगस्त-सितंबर में भारी बारिश और बा­ढ़ के कारण फसल का व्यापक नुकसान हुआ. राज्य सरकार ने पिछले महीने प्रभावित किसानों के लिए 31,628 करोड़ रुपये के मुआवजे के पैकेज की घोषणा की थी. इसमें फसल क्षति, मृदा अपरदन, घायलों के अस्पताल में भर्ती होने, परिजनों को अनुग्रह राशि, घरों, दुकानों और पशुशालाओं को हुए नुकसान आदि के लिए मुआवजा शामिल है.

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