
इंदौर. दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट के बाद जांच के घेरे में आए फरीदाबाद के अल-फलाह विश्वविद्यालय के एक शीर्ष अधिकारी का संबंध महू कस्बे से होने का दावा करने वाली मीडिया रिपोर्टों पर मप्र पुलिस का कहना है कि वह मीडिया से मिली जानकारी की जांच कर रही है. अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी.
हरियाणा में फरीदाबाद जिले में स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय ‘सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल’ और दिल्ली के लाल किले के पास हुए उच्च तीव्रता वाले विस्फोट के सिलसिले में तीन चिकित्सकों की गिरफ्तारी के बाद जांच के घेरे में है. मीडिया रिपोर्टों और इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी में जवाद अहमद सिद्दीकी को अल-फलाह विश्वविद्यालय का चांसलर (कुलाधिपति) और अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट का चेयरमैन व प्रबंध न्यासी (मैनेजिंग ट्रस्टी) बताया गया है.
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) यांगचेन डोलकर भूटिया ने बताया,”हमें मीडिया की खबरों के माध्यम से सिद्दीकी के महू के कथित मूल निवास के बारे में जानकारी मिली है. इस सिलसिले में जांच की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा.” इस विश्वविद्यालय का प्रबंधन अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किया जाता है जिसकी स्थापना 1995 में हुई थी.
एक अन्य अधिकारी ने केवल इतना कहा कि मामले की जांच के सिलसिले में स्थानीय पुलिस, खुफिया एजेंसियों के संपर्क में है.
दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक कार में सोमवार शाम उच्च-तीव्रता वाले विस्फोट में 12 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए थे. यह विस्फोट विश्वविद्यालय से जुड़े तीन चिकित्सकों सहित आठ लोगों को गिरफ्तार करने और 2,900 किलोग्राम विस्फोटक जब्त करने के कुछ घंटों बाद हुआ. गिरफ्तार लोगों में शामिल डॉ. मुजम्मिल गनई अल-फलाह विश्वविद्यालय में पढ़ाता था.



