
नयी दिल्ली. बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पार्टी के दिग्गज नेता रहे दिवंगत अहमद पटेल की बेटी मुमताज पटेल ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि पार्टी की विफलताएं कुछ ऐसे नेताओं के हाथों में शक्तियों के केंद्रीकरण के कारण हैं, जो ज़मीनी हकीकत से पूरी तरह कटे हुए हैं. उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यह भी कहा कि पार्टी को आत्मचिंतन करना चाहिए.
मुमताज ने सवाल किया कि पार्टी के वफादार कार्यकर्ताओं को सफलता पाने के लिए कितना इंतज़ार करना होगा.
उन्होंने कहा, ”कोई बहाना नहीं, कोई दोषारोपण नहीं, कोई आत्मनिरीक्षण नहीं, अब समय है अपने भीतर झांकने और हकीकत को स्वीकार करने का.” कांग्रेस नेता ने कहा, ”कब तक अनगिनत वफ.ादार ज़मीनी कार्यकर्ता, जो हर मुश्किल हालात में पार्टी के साथ रहे हैं… सफलता का इंतज़ार करेंगे…. शक्ति कुछ ऐसे लोगों के हाथों में केंद्रित होने के कारण लगातार असफलता ही हाथ लग रही है, जो ज़मीनी हक.ीक.त से पूरी तरह कटे हुए हैं और बार-बार इस महान पार्टी की दुर्गति और पराजय के लिए ज़म्मिेदार हैं.”
बिहार चुनाव में बेअसर रही राहुल की ‘वोटर अधिकार यात्रा’
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा बिहार विधानसभा चुनाव से कुछ सप्ताह पहले निकाली गई ‘वोटर अधिकार यात्रा’ बेअसर साबित हुई है क्योंकि यह यात्रा जिन क्षेत्रों से होकर गुजरी वहां भी प्रदेश के अन्य हिस्सों की तरह महागठबंधन का सूपड़ा साफ हो गया. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में बीते 17 अगस्त को रोहतास जिले के सासाराम से शुरू हुई यह यात्रा कथित वोट चोरी और मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ थी.
यह यात्रा रोहतास, औरंगाबाद, गयाजी, नवादा, शेखपुरा, नालंदा, लखीसराय, मुंगेर, कटिहार, पूर्णिया, सुपौल, मधुबनी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर सीतामढ.ी, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, भोजपुर और कुछ अन्य क्षेत्रों से गुजरी थी.
यात्रा की शुरुआत जिस सासाराम में हुई थी, वहां महागठबंधन को हार का सामना करना पड़ा. सासाराम विधानसभा क्षेत्र में राष्ट्रीय लोक मोर्चा की स्नेहलता ने राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार सतेंद्र शाह को पराजित किया.
रोहतास जिले के बाद इस यात्रा का दूसरा प्रमुख पड़ाव औरंगाबाद जिला था. यहां पर भी महागठबंधन को निराशा हाथ लगी और स्थिति यह रही कि जिले की कुटुंबा विधानसभा सीट पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश कुमार राम को भी हार का सामना करना पड़ा.
यात्रा के दौरान गया शहर में राहुल गांधी की एक सभा हुई थी. इस क्षेत्र में भी भाजपा के वरिष्ठ नेता और मंत्री प्रेम कुमार विजयी रहे.
‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान सीमांचल और कई अन्य इलाकों में भारी भीड़ जुटी थी, लेकिन इन इलाकों में भी वह कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सकी.



