
खंडवा/इंदौर. बिहार विधानसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन की करारी हार के बाद उद्योगपति रॉबर्ट वाद्रा ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस में सभी नेता एकजुट हैं और पार्टी में कोई फूट नहीं होगी. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया जताते हुए यह बात कही. प्रधानमंत्री मोदी ने 14 नवंबर को कहा था कि कांग्रेस के ‘नामदार’ उसे जिस रास्ते पर लेकर चल रहे हैं, उसके प्रति पार्टी के भीतर ‘घोर निराशा और नाराजगी’ अंदर ही अंदर पनप रही है तथा उन्हें आशंका है कि आने वाले वक्त में पार्टी में ‘एक और बड़ा विभाजन’ हो सकता है.
वाद्रा, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति और पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद हैं. धार्मिक यात्रा पर मध्यप्रदेश आए उद्योगपति ने खंडवा जिले में भगवान शिव के ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए. कांग्रेस में ‘एक और बड़े विभाजन’ की आशंका को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के बयान पर वाद्रा ने ओंकारेश्वर में संवाददाताओं से कहा, ”प्रधानमंत्री जो भी बोलें, कांग्रेस में कोई फूट नहीं होगी. कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन में सब लोग एकजुट हैं.”
उन्होंने कहा, ”जब हम हारते हैं, तो इससे भी सीखते हैं. देश में जो भी गलत हो रहा है, हम उसके खिलाफ हर रोज लड़ रहे हैं.” वाद्रा ने बिहार विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की प्रचंड जीत पर एक बार फिर सवाल उठाए और कहा, ”सबको लग रहा है कि इस चुनाव में राजग को जिताने के लिए निर्वाचन आयोग ने मेहनत की है. चुनाव परिणाम से बिहार के लोग खुश नहीं हैं.”
उन्होंने बिहार में महिलाओं के बैंक खातों में 10,000-10,000 रुपये जमा कराए जाने संबंधी ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ की ओर इशारा करते हुए कहा, ”10,000 रुपये देकर लोगों को खरीदा जा रहा है. ऐसी चीजें नहीं होनी चाहिए थी. (विधानसभा चुनाव के दौरान) निर्वाचन आयोग को इस सरकारी योजना को बंद कराना चाहिए था, लेकिन उसने इस योजना को चलने दिया.” बिहार विधानसभा चुनाव में राजग ने सूबे की 243 में से 202 सीट जीत कर शानदार प्रदर्शन किया. सत्तारूढ़ गठबंधन के दो प्रमुख घटक दलों-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाले जनता दल (यूनाइटेड) ने क्रमश: 89 और 85 सीट जीतीं.
इस बीच, सक्रिय राजनीति में आने की योजना के बारे में पूछे जाने पर वाद्रा ने इंदौर में एक बयान में कहा कि उनके परिवार के कई सदस्य पहले से राजनीति में हैं. उन्होंने कहा, ”मैं देशभर में जिन लोगों से मिलता हूं, हो सकता है कि वे राहुल गांधी या प्रियंका गांधी से न मिल पाएं. मैं इन लोगों की जमीनी स्तर की समस्याएं राहुल और प्रियंका तक पहुंचाता हूं. हालांकि, कई लोगों की मांग है कि मैं सक्रिय राजनीति में आऊं. आगे देखेंगे कि क्या होता है.”



