
चेन्नई. चेन्नई में विपक्षी दल ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) ने बृहस्पतिवार को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया.
पूर्व अन्नाद्रमुक मंत्री डी जयकुमार ने जहां चेन्नई में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया वहीं पड़ोसी कांचीपुरम में जिलाधिकारी कार्यालय के पास हुए विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी के प्रवक्ता और पूर्व मंत्री एस एस वैगाईचेलवन ने किया. इस विरोध प्रदर्शन में उथीरामेरुर और श्रीपेरुमबुदुर क्षेत्रों के अन्नाद्रमुक पार्टी समर्थकों ने भी हिस्सा लिया.
विपक्षी दल ने द्रमुक सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि चल रही एसआईआर अभियान में कथित अनियमितताओं को अंजाम देने के लिए पार्टी अपने कार्यकर्ताओं का इस्तेमाल कर रही है. सत्तारूढ़ द्रमुक और उसके सहयोगी दलों के कड़े विरोध के बावजूद तमिलनाडु में मतदाता सूची का एसआईआर अभियान चार नवंबर को शुरू हो गया है. अन्नाद्रमुक के कार्यकर्ताओं ने सत्तारूढ़ द्रमुक और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के खिलाफ नारे लगाए और हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया.
पार्टी नेता जयकुमार ने दावा किया कि सरकार ने बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) का कार्य करने के लिए सफाई कर्मचारियों और अन्य अपात्र व्यक्तियों को एसआईआर अभ्यास में लगाया है. उन्होंने दावा किया कि, “द्रमुक सरकार ऐसे लोगों को नियुक्त करके निर्वाचन आयोग के उद्देश्य को धूमिल कर रही है. उन्होंने जिलाधिकारियों को मौखिक निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि एसआईआर अभ्यास में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हों. उन्होंने चेन्नई के लिए वृहन्न चेन्नई निगम के आयुक्त को उनकी ओर से काम करने के लिए कहा है.
अन्नाद्रमुक नेता ने आरोप लगाते हुए कहा, “सभी क्षेत्र अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे एसआईआर अभ्यास में भाग लेते समय द्रमुक जिला सचिवों का आदेश मानें.” उन्होंने कहा कि द्रमुक को वर्ष 2026 के विधानसभा चुनावों में इस तरह की अनियमितताओं में शामिल होने की कीमत चुकानी पड़ेगी.



