भारत हजारों वर्षों से पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में मानता रहा है : योगी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 21 Nov 2025 09:09 PM
भारत हजारों वर्षों से पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में मानता रहा है : योगी
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्­यमंत्री योगी आदित्­यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि भारत हजारों वर्षों से पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में मानता रहा है. योगी आदित्­यनाथ ने यहां सिटी मांटेसरी स्कूल (सीएमएस) के तत्वावधान में आयोजित विश्व के प्रधान न्यायाधीशों एवं न्यायाधीशों के सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का उद्घोष करते हुए कहा कि ‘भारत हजारों वर्षों से पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में मानता रहा है.’

उत्तर प्रदेश की राजधानी में अतिथियों के आगमन पर राज्य सरकार और यहां के लोगों की ओर से उनका स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए योगी ने कहा, ”दुनिया का कोई मत, मजहब या संप्रदाय नहीं, जिसे उसके संकट के समय में भारत ने शरण न दी हो या उसे आगे बढ़ाने और उसके संरक्षण में अपना योगदान न दिया हो.” योगी ने कहा, ”आज हम दुनिया भर से जुड़े न्यायविदों के सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में यहां पर उपस्थित हुए हैं. इस अवसर पर सीएमएस लखनऊ के संस्थापक डॉक्टर जगदीश गांधी की स्मृतियों को नमन करता हूं, उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं.”

मुख्यमंत्री ने कहा, ”उन्­होंने ही वैश्विक एकता, शांति और न्याय के लिए प्रधान न्यायाधीशों के अन्­तरराष्­ट्रीय सम्­मेलन की शुरुआत की.” योगी ने कहा, ”हमें इस बात को कभी विस्मृत नहीं करना चाहिए कि वास्तव में दुनिया की समस्­या क्­या है और कहीं न कहीं जब हम इसके तह में जाते हैं तो लगता है कि एक-दूसरे के बीच में ”संवाद” नहीं है या किन्हीं कारणों से स्वयं के वर्चस्व को स्थापित करने के लिए इसे बाधित किया गया है.”

उन्होंने कहा, ”यह सम्­मेलन वास्तव में दुनिया भर की मानवता के लिए संवाद का एक माध्­यम है, उन लोगों के लिए जिन लोगों ने अपना स्वयं का वर्चस्व स्थापित करने के लिए दुनिया में अशांति और अराजकता का वातावरण बनाने का प्रयास किया है.” उन्­होंने कहा, ”दुनिया में जहां अशांति और अराजकता है, जहां वर्चस्व को लेकर एक-दूसरे के संप्रभुता को हड़पने की होड़ हो, वहां पर शिक्षा और विकास अपने आप में बेमानी दिखता है और उन स्थितियों में हम सबको विचार करना चाहिए कि कैसे इन समस्याओं के समाधान के लिए हर एक स्तर पर प्रयास किये जाने की जरूरत है, हम भी उसमें सहभागी बन सकते हैं.” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोगों को संयुक्त राष्ट्र (संरा) की उस घोषणा को भी स्मरण करना होगा, जिसमें ‘सतत विकास लक्ष्य’ के बारे में दुनिया के देशों से आ”ान किया गया था.

सतत विकास लक्ष्य शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, जल संसाधन, रोजगार-कौशल विकास, पर्यावरण और वन संपदा की रक्षा के विषयों पर आधारित हैं. इन 16 लक्ष्यों में शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण है. एक आधिकारिक बयान के अनुसार सम्­मेलन को संबोधित करते हुए योगी ने कहा,”जब हम दुनिया के अंदर शिक्षा की बात करते हैं तो 250 करोड़ से अधिक बच्चों के लिए गुणवत्ता युक्त शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हैं. हमें विचार करना होगा कि बस्ते के बोझ से बच्चे अवसादग्रस्त न हों.”

मुख्­यमंत्री ने कहा, ”उदीयमान प्रौद्योगिकी हमारे जीवन को सहज और सरल बनाने में जहां उपयोगी भूमिका का निर्वहन कर रही है, वहीं इसके द्वारा उत्पन्न अभूतपूर्व कानूनी चुनौतियां भी हमारे सामने हैं जिनमें साइबर अपराध, डेटा चोरी आदि प्रमुख हैं. ऐसे अस्थिर समय में न्याय, नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून विश्व शांति और मानव सभ्यता के लिए बड़ी लकीर खींचने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं.” कार्यक्रम में क्रोएशिया के पूर्व राष्ट्रपति , लेसोथो के पूर्व प्रधानमंत्री, वर्तमान व पूर्व राष्ट्रप्रमुख, सीएमएस की संस्थापक निदेशक डॉ. भारती गांधी, सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (सीएमएस) के अध्यक्ष डॉ. रोजर किंगडम, भारत के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला तथा विभिन्न देशों से आए न्यायाधीश और अन्य विशिष्ट गण उपस्थित रहे.

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