
नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत हो गई है। कार्यवाही शुरू होते ही सबसे पहले दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि दी गई।
सरकार चर्चा के लिए तैयार
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, ‘पिछला सत्र आप देख लीजिए जिस तरीके से SIR का एक मुद्दा लेकर पूरा सदन वॉशआउट कर दिया। उसी तरह का असार इस सत्र में भी देखने को मिल रहा है…सरकार पूरी तरह से तैयार हैं जिस पर वो चर्चा करना चाहते हैं हम जरूर हर विषय पर चर्चा करेंगे। लेकिन विपक्ष की जिम्मेदारी बनती है कि सदन की गरिमा बनाए रखे और सत्र को चलने दें।
लोकसभा की कार्यवाही स्थगित
शीत सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही लोकसभा में विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के चलते सभापति ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
पीएम मोदी ने सभापति सीपी राधाकृष्णन की तारीफ की
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद पहली बार राज्यसभा की कार्यवाही का बतौर सभापति संचालन कर रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने सभापति की तारीफ की और कहा कि ‘मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि इस सदन में बैठे सभी सदस्य, उच्च सदन की गरिमा बनाए रखते हुए, हमेशा आपकी गरिमा का भी ध्यान रखेंगे। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि वे मर्यादा बनाए रखेंगे। हमारे चेयरमैन एक साधारण परिवार, एक किसान परिवार से आते हैं, और उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया है। राजनीतिक क्षेत्र इसका एक पहलू रहा है, लेकिन मुख्यधारा समाज सेवा रही है। वे समाज के लिए समर्पित रहे हैं। वे हम सभी के लिए एक प्रेरणा और मार्गदर्शक हैं जो समाज सेवा में रुचि रखते हैं।आपमें सभापति छात्र जीवन से ही नेतृत्व भाव रहा है और आज राष्ट्रीय नेतृत्व के रूप में यहां विराजमान हैं, ये हम सभी के लिए गर्व का विषय है। पीएम मोदी ने कहा कि उपराष्ट्रपति हमेशा ही लोक सेवा के काम से जुड़े रहे। आप एक अच्छे संगठनकर्ता रहे हैं। आपने हमेशा सभी को जोड़ने का प्रयास किया और नए विचारों और नई पीढ़ी को अवसर देने का प्रयास किया।’
पीएम मोदी ने कहा, ‘मैंने झारखंड में आदिवासी समुदायों के साथ आपका रिश्ता देखा। जिस तरह से आप छोटे-छोटे गांवों में भी गए, झारखंड के मुख्यमंत्री जब भी मुझसे मिलते थे, तो गर्व से इन बातों का ज़िक्र करते थे। आपके पास हेलीकॉप्टर हो या न हो, आप जो भी गाड़ी होती थी, उसी में घूमते थे, रात में छोटी-छोटी जगहों पर रुकते थे। हम सब आपकी सेवा की भावना और गवर्नर के तौर पर आपने इसे नई ऊंचाइयों तक कैसे पहुंचाया, यह हम जानते हैं… मैंने एक बात महसूस की है कि लोग कभी-कभी अपने पद का बोझ महसूस करते हैं, और कभी-कभी वे प्रोटोकॉल से दब जाते हैं। लेकिन मैंने देखा है कि आपका प्रोटोकॉल से कोई लेना-देना नहीं है।’



