
नयी दिल्ली. पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज के पति एवं मिजोरम के पूर्व राज्यपाल तथा वरिष्ठ अधिवक्ता स्वराज कौशल का बृहस्पतिवार को यहां निधन हो गया. वह 73 वर्ष के थे. दिल्ली भाजपा ने एक बयान में उनके निधन की जानकारी दी. सुषमा स्वराज और स्वराज कौशल की इकलौती संतान बांसुरी स्वराज नयी दिल्ली से सांसद हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वराज कौशल के निधन पर शोक व्यक्त किया तथा वंचितों की मदद के लिए कानूनी पेशे का उपयोग करने के लिए उन्हें याद किया.
मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया,”श्री स्वराज कौशल जी के निधन से मैं दुखी हूं. उन्होंने खुद को एक वकील और एक ऐसे व्यक्ति के रूप में प्रतिष्ठित किया जो वंचितों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कानूनी पेशे का उपयोग करने में विश्वास करते थे.” प्रधानमंत्री ने कहा कि कौशल भारत के सबसे युवा राज्यपाल बने और अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने मिजोरम के लोगों पर अमिट छाप छोड़ी.
मोदी ने कहा, ”एक सांसद के रूप में उनकी अंतर्दृष्टि भी उल्लेखनीय थी. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनकी बेटी बांसुरी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ हैं. ओम शांति.”
भाजपा ने एक संदेश में कहा, ”हमें मिजोरम के पूर्व राज्यपाल और वरिष्ठ अधिवक्ता स्वराज कौशल के आकस्मिक निधन की सूचना देते हुए दुख हो रहा है.” एक भाजपा नेता ने बताया कि दोपहर में कौशल ने सीने में दर्द की शिकायत की जिसके बाद उन्हें एम्स ले जाया गया और वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. भाजपा नेता ने बताया कि कौशल का अंतिम संस्कार लोधी रोड श्मशान घाट पर किया जाएगा. बांसुरी स्वराज ने ‘एक्स’ पर एक भावुक पोस्ट में कहा कि उनके पिता का स्नेह, अनुशासन, सादगी, देशभक्ति और असीम धैर्य उनके जीवन का प्रकाश पुंज था.
नयी दिल्ली से भाजपा सांसद ने कहा, ”दिल गहरी पीड़ा से भर गया है. फिर भी मन में यह विश्वास है कि अब परम शक्तिमान ईश्वर की उपस्थिति में आपका मां से पुर्निमलन हो गया है और आपको असीम शांति प्राप्त हुई है. आपकी बेटी होना मेरे जीवन का सबसे बड़ा गौरव है और आपकी विरासत, मूल्य एवं आशीर्वाद मेरे आगे के सफर का आधार होंगे.” पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज का 2019 में निधन हो गया था. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वराज कौशल के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निधन की खबर पीड़ादायक है. उन्होंने सार्वजनिक जीवन और विधि क्षेत्र में कौशल के योगदान को याद किया तथा कहा कि राष्ट्र और समाज के प्रति उनकी सेवा अविस्मरणीय है.


