ईद पर बकरे काटने पर आपत्ति क्यों नहीं: कुंभ मेले के लिए पेड़ों की कटाई पर नितेश राणे ने कहा

मुंबई. महाराष्ट्र के मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने आगामी कुंभ मेले के लिए नासिक में पेड़ों की कटाई का विरोध करने वाले पर्यावरणविदों के रवैये पर बृहस्पतिवार को सवाल उठाया और पूछा कि वे ईद पर बकरे काटने के खिलाफ क्यों नहीं बोलते? नागरिक समाज के सदस्य अक्टूबर 2026 में शुरू होने वाले कुंभ मेले से पहले तपोवन क्षेत्र में ‘साधु ग्राम’ (धर्म गुरूओं के लिए बस्ती) बनाने के लिए 1,700 से अधिक पेड़ों को काटने की नासिक नागरिक निकाय की योजना का विरोध कर रहे हैं.

राणे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “नासिक के तपोवन में पेड़ों की कटाई का विरोध करने वाले पर्यावरण कार्यकर्ताओं को ईद पर बकरे की कुर्बानी का विरोध करते कभी नहीं देखा गया. उस समय चुप्पी क्यों? सभी धर्म समान हैं?” इस बीच नासिक जिले के डिंडोरी से विपक्षी राकांपा (शरदचंद्र पवार) के लोकसभा सदस्य भास्कर भगारे ने प्रस्तावित पेड़ों की कटाई पर निराशा व्यक्त की.

उन्होंने कहा, “हम पिछले कुछ वर्षों से अनियमित बारिश, बा­ढ़ और मौसम की चरम स्थिति देख रहे हैं. ऐसी स्थिति में इतने सारे पेड़ों को काटना अस्वीकार्य है.” भगारे ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र लिखा है. बुधवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुंचे. उन्होंने कहा कि कुछ लोग नासिक कुंभ मेले में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग राजनीतिक कारणों से अचानक पर्यावरणवादी बन गए हैं.

उल्लेखनीय है कि सत्तारू­ढ़ गठबंधन में शामिल उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के सदस्य अभिनेता सयाजी शिंदे ने कहा है कि यदि सरकार पेड़ों को हटाने पर अड़ी रही तो वह उसका विरोध करेंगे. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने भी ‘साधु ग्राम’ के निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई का विरोध किया है और कहा है कि भाजपा नीत सरकार को इस मामले को ब­ढ़ने नहीं देना चाहिए.

नासिक के तपोवन क्षेत्र में पेड़ों की कटाई की योजना के खिलाफ स्थानीय हिंदू संगठनों के साथ-साथ राजनीतिक दल भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं. हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने कुछ दिन पहले तपोवन में हनुमान चालीसा का पाठ किया था, जबकि कुछ अन्य हिंदू संगठनों के समर्थकों ने नासिक नगर निगम द्वारा हटाए जाने के लिए चिह्नित पेड़ों पर ‘जय श्रीराम, जय हनुमान’ के नारे वाले पोस्टर चिपकाए थे.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button