
नयी दिल्ली/बेंगलुरु. कांग्रेस ने मंगलवार को ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पांच अन्य के खिलाफ धन शोधन को लेकर ईडी के आरोप पत्र पर संज्ञान लेने से अदालत द्वारा इनकार किए जाने को सत्य की जीत करार दिया और कहा कि प्रधानमंत्री
नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की ‘‘गैरकानूनी कार्रवाई’’ और ‘साजिश’’ नाकाम हो गई है तथा दुष्प्रचार ध्वस्त हो’’ गया है.
दिल्ली की एक अदालत ने ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी, सोनिया गांधी और पांच अन्य के खिलाफ धन शोधन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आरोपपत्र पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘जब नेशनल हेराल्ड, कांग्रेस पार्टी और हमारे नेताओं को बदनाम करने के लिए झूठे आरोप लगाए गए, तब भी मैंने यही कहा था कि हम अंग्रेज़ों से नहीं डरे तो भाजपा-आरएसएस या मोदी-शाह क्या चीज़ हैं. आज अदालत ने भी मोदी सरकार की कार्रवाई को अवैध ठहराकर राजनीतिक बदले की दुर्भावना से रची इस साज़शि को नाकाम किया है.’’ उन्होंन कहा कि ‘‘वोट चोर सरकार’’ लोकतंत्र को कुचलने की जितनी भी ज़ोर-ज़बरदस्ती कर ले, हम 140 करोड़ भारतीय नागरिकों के लिए और संविधान को बचाने के लिए लड़ाई जारी रखेंगे.
खरगे ने कहा, ‘‘सत्य की जीत निश्चित है.’’ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में कुछ नहीं है.
उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने बार-बार कहा है कि सत्य की जीत होगी. ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में कुछ नहीं है, यही सच है. सरकार इस केस को घसीट रही है. कंपनी से कोई पैसे निकाल नहीं सकता है, कोई इस्तेमाल नहीं कर सकता और कोई कुछ बेच नहीं सकता है.’’ प्रियंका गांधी ने दावा किया, ‘‘यह सच न्यायपालिका समेत सभी को मालूम है. आखिर में सच सबके सामने आ जाएगा.’’ कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने दावा किया कि अब इस बात की पोल खुल गई कि कैसे ‘गैंग्स आॅफ गांधीनगर’ सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल ‘निजी सेना’ की तरह करता है.
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आपने देखा है कि इस देश का लोकतंत्र तबाह होने की कगार पर है, अगर किसी ने उसे रोककर रखा है, तो वे राहुल गांधी हैं. इसलिए सत्ता पक्ष साजिश रचता है कि कैसे राहुल गांधी जी के हौसले को तोड़ दिया जाए, लेकिन ये साजिश आपके खिलाफ है, इस देश के खिलाफ है. हर एक भारतीय के मौलिक अधिकारों के खिलाफ है.’’ खेड़ा ने दावा किया, ‘‘लोकतंत्र की रक्षा का काम देश की जनता ने विपक्ष को सौंपा है, जिसे विपक्ष और राहुल गांधी जी बहुत मजबूती से निभा रहे हैं- ‘गैंग्स आॅफ गांधीनगर’ की यही दिक्कत है.’’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक सिंघवी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘नेशनल हेराल्ड मामले में शानदार जीत हुई.
न्यायाधीश को यह मामला संज्ञान में लेने लायक भी नहीं लगा. अब तक का सबसे अजीब मामला है जिसमें पैसे का बिल्कुल भी लेन-देन नहीं हुआ, अचल संपत्ति में एक इंच भी बदलाव नहीं हुआ, फिर भी ईडी का कहना है कि बहुत बड़ा धनशोधन हुआ है.’’ उन्होंने कहा कि इन सबके बावजूद भाजपा कथित धनशोधन को लेकर बहुत ज्यादा हंगामा कर रही है. सिंघवी ने कहा कि किसी भी चीज को बढ़ा-चढ़ाकर बताना, खूब द्रष्प्रचार करना और कोई सच्चाई नहीं होना, मौजूदा सरकार की पहचान बन गई है.
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने एक बयान में कहा, ‘‘आज सत्य की जीत हुई है. सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ पिछले 10 साल से जारी मोदी सरकार की बदले की राजनीति और गैरकानूनी तरीके से की गई कार्रवाई आज पूरी तरह से बेनकाब हो गई है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘अदालत का फैसला है कि ईडी का मामला क्षेत्राधिकार से बाहर है, उसके पास कोई प्राथमिकी नहीं है जिसके बिना कोई मामला ही नहीं बनता. मोदी सरकार ने एक दशक से कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध और बदले की भावना से कार्रवाई की जिसका आज पूरे देश के सामने पर्दाफाश हो गया.’’ उन्होंने कहा कि यह दुष्प्रचार धराशायी हो गया है.
वहीं, प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि वह अदालत के आदेश के खिलाफ अपील दायर करेगा. विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि इस मामले में दाखिल आरोपपत्र एक निजी व्यक्ति की शिकायत पर की गई जांच पर आधारित है, न कि किसी मूल अपराध से संबंधित प्राथमिकी पर. उन्होंने कहा कि कानून के तहत इस पर संज्ञान लेना स्वीकार्य नहीं है.
मोदी सरकार के दुर्भावनापूर्ण इरादे उजागर हो गए हैं : सिद्धरमैया ने नेशनल हेराल्ड मामले पर कहा
नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी के आरोपपत्र पर दिल्ली की अदालत द्वारा संज्ञान लेने से इनकार करने के कदम का स्वागत करते हुए, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने मंगलवार को कहा कि इससे नरेन्द्र मोदी सरकार के ‘‘दुर्भावनापूर्ण इरादे’’ पूरी तरह से उजागर हो गए हैं.
उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने भी कहा कि अब देश के सामने उजागर हो गया है कि मोदी सरकार ‘‘सत्ता का दुरुपयोग’’ कर रही है.
उन्होंने कहा, ‘‘सत्य और न्याय की जीत हुई है.’’ दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी, सोनिया गांधी और पांच अन्य के खिलाफ धन शोधन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आरोपपत्र पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया.
सिद्धरमैया ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘माननीय न्यायालय ने मोदी सरकार की अवैध कार्यवाही और दुर्भावनापूर्ण इरादे को पूरी तरह उजागर कर दिया है. यंग इंडियन मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की कार्यवाही को क्षेत्राधिकार से बाहर और अवैध घोषित किया गया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा हूं, जिन्होंने साहस और गरिमा के साथ इस प्रतिशोध का सामना किया है. कांग्रेस कभी नहीं डरेगी. हम सत्य, लोकतंत्र और प्रत्येक भारतीय के अधिकारों के लिए अपने संघर्ष में दृढ़ हैं. सत्यमेव जयते.’’



