
नयी दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने 2018 में हर्ष फायरिंग में एक महिला की मौत होने के मामले में दोषी ठहराए गए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक राजू कुमार ंिसह की सजा पर अपना फैसला शुक्रवार को चार जुलाई तक के लिए सुरक्षित रख लिया।
विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने ंिसह की सजा को लेकर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। ंिसह को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 के भाग-दो (गैर-इरादतन हत्या) और हथियार लाइसेंस संबंधी नियमों के उल्लंघन को लेकर शस्त्र अधिनियम के तहत दोषी ठहराया गया है।
ंिसह (56) बिहार के साहेबगंज से भाजपा विधायक हैं। अदालत ने इससे पहले अपने 97 पृष्ठ के आदेश में कहा था, ”समारोहों के दौरान हर्ष फायंिरग की घटनाएं एक अभिशाप हैं जिनसे हमारे देश में अक्सर लोगों की जान चली जाती है।” अदालत ने कहा था, ”यह मामला भी इसी तरह की एक घटना का उदाहरण है, जिसमें बिहार के कई बार विधायक रह चुके आरोपी राजू कुमार ंिसह द्वारा 31 दिसंबर 2018 और एक जनवरी 2019 की दरमियानी रात को नव वर्ष की पार्टी में कथित तौर पर लापरवाही से की गई हर्ष ‘फायंिरग’ के कारण एक अतिथि की मौत हो गई। अन्य आरोपियों ने घटना से जुड़े सबूत कथित तौर पर मिटाए।”अदालत ने उसके समक्ष पेश सबूतों का उल्लेख करते हुए कहा था कि यह साबित हो गया है कि कई गवाहों ने ंिसह की पहचान की और उसी ने वह गोली चलाई थी, जिससे अर्चना गुप्ता की मौत हुई।



