सत्र के समापन के बाद बैठक में प्रधानमंत्री और प्रियंका के बीच हुई सौहार्दपूर्ण बातचीत

नयी दिल्ली. संसद के शीतकालीन सत्र के समापन के बाद शुक्रवार को विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा आयोजित परंपरागत बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के बीच सौहार्दपूर्ण बातचीत हुई. सूत्रों ने बताया कि चाय पर मुलाकात के दौरान केरल के वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी ने मोदी से कहा कि वह मलयालम सीख रही हैं ताकि अपने मतदाताओं के साथ बातचीत करते समय यह उनके लिए मददगार हो. उन्होंने प्रधानमंत्री से उनकी हालिया तीन देशों अफ्रीका और पश्चिम एशिया यात्रा के बारे में भी पूछा.

समझा जाता है कि मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बगल में बैठीं प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं से कहा कि इथियोपिया के बारे में भारत में कई लोगों की धारणा उस देश की वास्तविक स्थिति से काफी अलग है और यह सामाजिक एवं आर्थिक रूप से बहुत अच्छी तरह से प्रगति कर रहा है. सूत्रों ने कहा कि जब समाजवादी पार्टी के नेता धर्मेंद्र यादव ने नेताओं से कहा कि शीतकालीन सत्र केवल 15 बैठकों के साथ सबसे छोटे सत्रों में से एक था, तो प्रधानमंत्री ने उनसे हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि यह उनके गले के लिए अच्छा है क्योंकि उन्हें बहुत दिनों तक चिल्लाना नहीं पड़ेगा, इस पर वहां उपस्थित नेता हंस पड़े.

आरएसपी नेता एन के प्रेमचंद्रन ने भी सत्र के छोटे कार्यकाल के बारे में शिकायत की. इस पर अध्यक्ष बिरला ने उन्हें याद दिलाया कि उन्होंने (बिरला) उन्हें किसी भी विषय पर बोलने के लिये पर्याप्त अवसर दिए हैं. प्रेमचंद्रन ने इस पर मुस्कुराते हुए सहमति जताई. सूत्रों ने बताया कि प्रियंका गांधी ने कहा कि उनके जैसे कई सांसद हमेशा सदन में प्रेमचंद्रन के आचरण को देखते हैं और संसदीय कार्यवाही के विभिन्न पहलुओं को सीखने की कोशिश करते हैं. दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस पिछले कुछ सत्रों में इस पारंपरिक बैठक से दूर रही थी.

बिरला ने इस बैठक की तस्वीर साझा करते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”18वीं लोकसभा के छठे सत्र के समापन के पश्चात माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी एवं सभी दलों के गणमान्य नेताओं के साथ संसद भवन स्थित कार्यालय में सुखद वार्ता हुई.” संसद का शीतकालीन सत्र एक दिसंबर को शुरू हुआ था और शुक्रवार को समाप्त हुआ. इस दौरान लोकसभा की 15 बैठकें हुईं जो 92 घंटे 25 मिनट तक चलीं. सदन की उत्पादकता 111 प्रतिशत दर्ज की गई.

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