सीडीएससीओ की चेतावनी के बाद तेलंगाना ने अलमोंट-किड सिरप के इस्तेमाल पर रोक का नोटिस जारी किया

हैदराबाद: तेलंगाना औषधि नियंत्रण प्रशासन (डीसीए) ने शनिवार को एक अत्यावश्यक परामर्श जारी कर बच्चों में एलर्जी, एर्लिजक बुखार और अस्थमा के इलाज के लिए आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले अलमोंट-किड सिरप का उपयोग तुरंत बंद करने को कहा है क्योंकि इसमें कथित तौर पर एथिलीन ग्लाइकॉल (ईजी) की मिलावट पाई गई है, जो एक अत्यधिक विषैला पदार्थ है।

डीसीए की एक अधिसूचना में कहा गया है कि उसे केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ), पूर्वी जोन, कोलकाता से एक प्रयोगशाला रिपोर्ट के संबंध में अलर्ट प्राप्त हुआ है, जिसमें सिरप (लेवोसेटिरिज़नि डाइहाइड्रोक्लोराइड और मोंटेलुकास्ट सोडियम सिरप) को मिलावटी घोषित किया गया है।

डीसीए ने कहा, ‘‘उपरोक्त को ध्यान में रखते हुए, आम जनता को सख्त सलाह दी जाती है कि यदि उनके पास यह सिरप मौजूद है तो इसका उपयोग तुरंत बंद करें और बिना किसी देरी के नजदीकी औषधि नियंत्रण प्राधिकरण को इसकी सूचना दें।ह्व राज्य भर के सभी औषधि निरीक्षकों और सहायक निदेशकों को निर्देश दिया गया है कि वे सभी खुदरा विक्रेताओं, थोक विक्रेताओं, वितरकों और अस्पतालों को तुरंत सतर्क करें और उक्त उत्पाद बैच के किसी भी उपलब्ध भंडार को ‘फ्रीज’ कर दें या इस्तेमाल में नहीं आने दें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी परिस्थिति में इसकी बिक्री या वितरण न हो।

तेलंगाना के औषधि नियंत्रण प्रशासन ने आवश्यक प्रवर्तन उपाय शुरू कर दिए हैं और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए आगे के जोखिम को रोकने के लिए स्थिति पर सक्रिय रूप से नजर रख रहा है। परामर्श में यह भी कहा गया है कि लोग उक्त उत्पाद के बारे में टोल-फ्री नंबर के माध्यम से सीधे औषधि नियंत्रण प्रशासन, तेलंगाना को भी सूचना दे सकते हैं। परामर्श के अनुसार, यह सिरप बैच नंबर: एएल-24002 है, जिसका निर्माण ट्राइडस रेमेडीज़, बिहार द्वारा किया गया था।

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