
बंगलूरू: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 10 मई को बंगलूरू दौरे के दौरान सुरक्षा में लापरवाही का खुलासा होने के बाद प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। कनकपुरा रोड के पास संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिलने के मामले में छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इन पुलिसकर्मियों में एक सब-इंस्पेक्टर, एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर और चार कांस्टेबल शामिल हैं। इन पर ड्यूटी के दौरान सावधानी बरतने में असफल रहने का आरोप है।
सुरक्षा चूक का खुलासा
10 मई को बंगलूरू में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के ठीक पहले, जंगल क्षेत्र से लगी एक सड़क पर संदिग्ध सामग्री बरामद हुई। इन सामग्रियों में दो जिलेटिन स्टिक, छह अगरबत्ती, माचिस, बैटरी, तार और सर्किट बोर्ड जैसी वस्तुएं शामिल थीं। घटनास्थल से मिली इन वस्तुओं के मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया था।
सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया
मामले की जांच के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी निलंबित पुलिसकर्मी जांच पूरी होने तक सस्पेंड रहेंगे। यह मामला उस समय प्रकाश में आया जब प्रधानमंत्री उस दिन आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के 45वें वर्षगांठ समारोह में भाग लेने पहुंचे थे। संदिग्ध सामग्री प्रधानमंत्री के कार्यक्रम स्थल के लगभग डेढ़ घंटे पहले ही मिली थी।
आगे की कार्रवाई
कानूनी प्रक्रिया के तहत, कग्गलीपुरा पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम की धारा 4 और एक्सप्लोसिव एक्ट की धारा 9बी के तहत एफआईआर दर्ज की है। अभी तक, किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और विस्फोटक सामग्री का स्रोत भी अज्ञात है। इस मामले की जांच के लिए एनआईए की एक टीम भी बंगलूरू पहुंची है।



