पुणे हत्याकांड: सिया और चेतन का ‘सच से सामना कराएगी’ पुलिस, पॉलीग्राफ टेस्ट में क्या खुलेंगे हत्या के राज?

पुणे: पुणे हत्याकांड मामले में एक अहम मोड़ आया है। लोनावला ग्रामीण पुलिस व्यवसायी केतन अग्रवाल की हत्या के आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी का पॉलीग्राफ परीक्षण कराने के लिए अदालत से अनुमति लेने की तैयारी कर रही है। क्योंकि जांचकर्ताओं का मानना है कि अपराध से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य अभी भी छिपाए जा रहे हैं।

इसके साथ ही अधिकारियों के अनुसार, पुलिस सिया गोयल को पुणे में उस जगह ले गई, जहां उसने और चेतन चौधरी ने कथित तौर पर केतन अग्रवाल को चट्टान से नीचे धकेलने की रिहर्सल की थी।

पुलिस ने क्या बताया?
लोनावला ग्रामीण पुलिस स्टेशन के अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ के दौरान कथित तौर पर महत्वपूर्ण जानकारी छुपाई है। सच्चाई का पता लगाने और उनके बयानों की पुष्टि करने के लिए, पुलिस पॉलीग्राफ परीक्षण के लिए अदालत से अनुमति लेने की योजना बना रही है। चल रही जांच के तहत, पुलिस गुरुवार को मुख्य आरोपी सिया गोयल को पंचनामा (घटनास्थल और साक्ष्यों का आधिकारिक दस्तावेजीकरण) प्रक्रिया पूरी करने के लिए उसके आवास पर ले गई।

पुलिस हिरासत कब खत्म होगी?
दोनों आरोपियों की पुलिस हिरासत 3 जुलाई को समाप्त होने वाली है। रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद, जांचकर्ता सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी का पॉलीग्राफ परीक्षण कराने की अनुमति के लिए अदालत में याचिका दायर कर सकते हैं।

सिया के पुराने वीडियो में क्या है?
सिया गोयल का एक पुराना वीडियो ऑनलाइन सामने आया है, जिसमें वह एक पब में फोन पर गाली-गलौज करती हुई दिखाई दे रही है। माना जा रहा है कि यह वीडियो दिसंबर 2025 में रिकॉर्ड किया गया था, जिसमें कथित तौर पर सिया को एक पब के अंदर दिखाया गया है, जहां वह बीयर की बोतल जैसी दिखने वाली चीज पकड़े हुए है और फोन पर बात कर रही है। बातचीत के दौरान, उसे अपशब्दों का प्रयोग करते हुए और यह कहते हुए सुना गया, “पहले उसने मुझे धोखा दिया, फिर उसने मुझे फोन किया।”

पुलिस ने चेतन की चाल का किया विश्लेषण
सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी पर पुणे के पास लोहागढ़ किले में एक चट्टान से धक्का देकर उसके मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या करने का आरोप है। जांच के तहत, पुलिस ने मंगलवार और बुधवार को किले में घटनास्थल का पुनर्निर्माण किया। जांचकर्ताओं ने चौधरी की चाल का विश्लेषण भी किया ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि क्या वह वही व्यक्ति था जिसने हुडी पहनी हुई थी और जिसे कथित हत्या से कुछ समय पहले केतन और सिया का पीछा करते हुए देखा गया था।

चेतन चौधरी को बुधवार तड़के करीब 7 बजे 25 से अधिक पुलिसकर्मियों की निगरानी में लोहागढ़ किले में ले जाया गया। वहीं, सिया को पुनर्निर्माण कार्य के लिए एक दिन पहले उसी स्थान पर ले जाया गया था। जांच में यह भी पता चला है कि महाराष्ट्र के एक जाने-माने व्यवसायी के बेटे केतन अग्रवाल को सिया और चेतन चौधरी के बीच शादी से पहले ही कथित संबंध पर शक हो गया था। पुलिस के मुताबिक, केतन ने शादी से पहले अपने परिवार से सिया के बारे में पूरी जानकारी जुटाने का अनुरोध भी किया था।

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