टमाटर और एलपीजी की बढ़ती कीमतें, क्या रसोई का बजट बिगाड़ रही हैं? रिपोर्ट में ये दावा

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Wed, 08 Jul 2026 05:28 PM
टमाटर और एलपीजी की बढ़ती कीमतें, क्या रसोई का बजट बिगाड़ रही हैं? रिपोर्ट में ये दावा
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नई दिल्ली: क्रिसिल इंटेलिजेंस की ‘रोटी राइस रेट’ रिपोर्ट के अनुसार, टमाटर, वनस्पति तेल और रसोई गैस की ऊंची कीमतों के कारण घरेलू भोजन का खर्च निकट भविष्य में दबाव में रहेगा। आलू की कीमतों में कमी से मिली राहत को ये बढ़ती कीमतें बेअसर कर रही हैं। जून में घर पर शाकाहारी थाली बनाने की लागत में सालाना आधार पर 5 फीसदी की वृद्धि हुई। वहीं, मांसासाहारी थाली की लागत में सालाना आधार पर 6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

टमाटर और एलपीजी की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
क्रिसिल के अनुसार, फरवरी और मार्च में अधिक तापमान के कारण गर्मी की फसल की बुवाई में देरी हुई। इससे टमाटर की कीमतों में सालाना आधार पर 31 फीसदी की वृद्धि हुई। पश्चिम एशिया में संघर्ष से आपूर्ति बाधित होने के कारण वनस्पति तेल और एलपीजी की कीमतों में भी सालाना आधार पर 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। प्याज की कीमतें भी बढ़ीं क्योंकि अधिक कीमत वाले रबी के भंडार बाजार में आए। हालांकि, नई रबी फसल के आने से आलू की कीमतों में 14 फीसदी की गिरावट आई, जिससे भोजन की लागत में वृद्धि कुछ हद तक कम हुई।

मांसाहारी भोजन की लागत क्यों बढ़ी?
मांसाहारी भोजन के लिए, ब्रॉयलर की आपूर्ति कम होने के कारण ब्रॉयलर की ऊंची कीमतों ने भी घरेलू खर्चों को बढ़ाया। यह कुल लागत का लगभग 50 फीसदी था। अत्यधिक गर्मी से मुर्गी पालन की आपूर्ति प्रभावित हुई, जिससे पक्षियों की मृत्यु दर बढ़ी, वजन कम हुआ और नए चूजों को पालना कठिन हो गया। इस कारण चिकन की कीमतों में सालाना आधार पर सात फीसदी की वृद्धि का अनुमान है।

मासिक आधार पर थाली की लागत में क्या बदलाव आया?
मासिक आधार पर, जून में शाकाहारी और मांसाहारी थाली की लागत में क्रमशः 4 फीसदी और 3 फीसदी की वृद्धि हुई। यह मई की तुलना में टमाटर, प्याज और आलू की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण हुआ। रिपोर्ट बताती है कि यदि टमाटर, खाद्य तेल और रसोई गैस जैसे प्रमुख इनपुट की कीमतें स्थिर रहती हैं, तो उपभोक्ताओं को ऊंची खाद्य बिलों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, मौसमी फसलों की निरंतर आवक और सब्जियों की आपूर्ति में सुधार से आने वाले महीनों में घरेलू बजट पर कुछ दबाव कम हो सकता है।

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