
अमेरिका और ईरान बीच शांति समझौता लंबे समय की बातचीत का नतीजा था और इसे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता माना गया था। हालांकि युद्धविराम के महज दो सप्ताह बाद ही आखिर ऐसा क्या हुआ कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक ईरान पर हमले का आदेश दे दिया? वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप के नाटो सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए अंकारा रवाना होने से पहले ओवल ऑफिस में एक गुप्त बैठक हुई। इस बैठक के बाद अमेरिका ने अपनी रणनीति पूरी तरह से बदलते हुए ईरान पर फिर से हमले करने का फैसला किया।
अमेरिका की धमकी- वे जहाजों पर गोली चलाएंगे तो हम करारा जवाब देंगे
अमेरिकी सेना ने दो दिनों के भीतर ईरान के 170 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी कि यदि परिस्थितियां बनी रहीं तो सैन्य अभियान का दायरा और बढ़ाया जाएगा तथा अमेरिका और अधिक तथा और गहराई तक हमले करेगा। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी मिलवॉकी में एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान प्रशासन के कड़े रुख को दोहराया। उन्होंने कहा, ‘संदेश बिल्कुल साफ है। अगर वे जहाजों पर गोली चलाएंगे, तो हम उन्हें करारा जवाब देंगे।’
अमेरिकी सेना ने दो दिनों के भीतर ईरान के 170 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी कि यदि परिस्थितियां बनी रहीं तो सैन्य अभियान का दायरा और बढ़ाया जाएगा तथा अमेरिका और अधिक तथा और गहराई तक हमले करेगा। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी मिलवॉकी में एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान प्रशासन के कड़े रुख को दोहराया। उन्होंने कहा, ‘संदेश बिल्कुल साफ है। अगर वे जहाजों पर गोली चलाएंगे, तो हम उन्हें करारा जवाब देंगे।’



