
नयी दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में सोमवार को प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को माफी मांगनी चाहिए और पद से इस्तीफा देना चाहिए। राहुल गांधी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से यह भी कहा छात्रों की पिटाई के लिए गृह मंत्री अमित शाह को भी त्यागपत्र देना चाहिए।
इससे पहले, उन्होंने कई विपक्षी नेताओं के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सदन में चर्चा कराने की मांग की। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि विपक्षी सांसदों ने बिरला से मुलाकात कर छात्रों के मुद्दे पर चर्चा कराने का अनुरोध किया था, लेकिन अध्यक्ष ने कहा कि चर्चा के लिए उन्हें सरकार से पूछना पड़ेगा।
उन्होंने कहा, ”दूसरे शब्दों में, लोकसभा अध्यक्ष कह रहे हैं कि संसद में बहस कराने के लिए उन्हें सरकार की अनुमति चाहिए। यह मुद्दा छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा है।” राहुल गांधी ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित मारपीट और बल प्रयोग की ंिनदा करते हुए कहा कि युवाओं के साथ ऐसा व्यवहार ”पूरी तरह गैर-भारतीय” है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल हुई घटना के लिए अब तक माफी तक नहीं मांगी है। राहुल गांधी ने कहा कि ये युवा शिक्षा और परीक्षा प्रणाली को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और पूरा देश जानता है कि शिक्षा एवं परीक्षा प्रणाली ”चरमरा चुकी है”। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली को ”दीमकों ने खोखला कर दिया है।”
उन्होंने कहा, ”छात्र केवल यही कह रहे हैं कि शिक्षा और परीक्षा प्रणाली को ठीक किया जाए। देश के युवाओं के साथ इस तरह व्यवहार करने का कोई तरीका नहीं है।” राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं के लिए अवसर नहीं हैं और उनके सामने सभी दरवाजे बंद हैं तथा प्रतियोगी परीक्षाओं का दरवाजा खुला था, लेकिन यह व्यवस्था भी ”बर्बाद” कर दी गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की शिकायत केवल शिक्षा प्रणाली को लेकर नहीं है, बल्कि उनके भविष्य को लेकर भी है। राहुल गांधी के अनुसार, छात्रों को लगता है कि शिक्षा व्यवस्था पर ”अंबानी और अदाणी तथा आरएसएस का पूरी तरह कब्जा” हो गया है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा युवाओं के भविष्य से जुड़ा है और शिक्षा से कहीं बड़ा है।
राहुल गांधी ने कहा, ”भारत के छात्र कह रहे हैं कि भारत में उनका कोई भविष्य नहीं है। यह एक जायज मुद्दा है।” उन्होंने कहा, ”धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही चाहिए, लेकिन प्रधान ने छात्रों को नहीं पीटा है। गृह मंत्री ने पीटा है, उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। गृह मंत्री प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करते हैं, उन्हें भी इस्तीफा देना चाहिए।” कांग्रेस नेता ने बाद में ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”देश का छात्र कह रहा है -हमारा कोई भविष्य नहीं। और इस सरकार के मंत्री कह रहे हैं कि हमारी कुर्सी नहीं जाएगी। जिस देश में छात्र भविष्य खो दे और मंत्री कुर्सी न खोए, वहां न्याय है ही नहीं।”



