
वीवीएस लक्ष्मण की भी की तारीफ
रमेश ने भारत के अंतरिम मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, ‘वीवीएस लक्ष्मण भी तारीफ के हकदार हैं। जब भी वह भारत के मुख्य कोच बनते हैं, टीम अच्छा प्रदर्शन करती है। उनके मार्गदर्शन में भारत अक्सर विपक्षी टीमों का क्लीन स्वीप करता है, जबकि दूसरी तरफ कई बार भारत खुद क्लीन स्वीप झेल रहा होता है। ऐसे समय में टीम को किसी भी तरह की जीत की जरूरत थी और इसलिए जिम्बाब्वे पर मिली इस जीत की खुशी स्वाभाविक है।’
रमेश ने भारत के अंतरिम मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, ‘वीवीएस लक्ष्मण भी तारीफ के हकदार हैं। जब भी वह भारत के मुख्य कोच बनते हैं, टीम अच्छा प्रदर्शन करती है। उनके मार्गदर्शन में भारत अक्सर विपक्षी टीमों का क्लीन स्वीप करता है, जबकि दूसरी तरफ कई बार भारत खुद क्लीन स्वीप झेल रहा होता है। ऐसे समय में टीम को किसी भी तरह की जीत की जरूरत थी और इसलिए जिम्बाब्वे पर मिली इस जीत की खुशी स्वाभाविक है।’
भव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास
भारत की जीत के सबसे बड़े नायक युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी रहे। उन्होंने सिर्फ 18 गेंदों में अर्धशतक जड़कर पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने का नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। महज 15 वर्ष 118 दिन की उम्र में वैभव ने यह उपलब्धि हासिल की और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया। सचिन ने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ फैसलाबाद टेस्ट में 16 वर्ष 213 दिन की उम्र में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक लगाया था।
भारत की जीत के सबसे बड़े नायक युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी रहे। उन्होंने सिर्फ 18 गेंदों में अर्धशतक जड़कर पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने का नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। महज 15 वर्ष 118 दिन की उम्र में वैभव ने यह उपलब्धि हासिल की और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया। सचिन ने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ फैसलाबाद टेस्ट में 16 वर्ष 213 दिन की उम्र में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक लगाया था।



