
पंढरपुर: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने शनिवार को कहा कि वह चाहती हैं कि उनके पति ”महाराष्ट्र में ही रहें”। उनकी यह टिप्पणी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस की भविष्य की भूमिका को लेकर लगायी जा रही अटकलों के बीच आई है।
अमृता ने यह भी कहा कि यदि आंदोलन केवल प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे तक सीमित रहे तो वह उचित है। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार प्रश्नपत्र लीक के मामलों को रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठा रही है। आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर पंढरपुर स्थित भगवान विट्ठल मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद अमृता फडणवीस ने पत्रकारों से कहा, ”मैं महाराष्ट्र में रहना चाहती हूं और यह भी सुनिश्चित करूंगी कि देवेंद्र जी भी महाराष्ट्र में ही रहें।”
हाल में शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने दावा किया था कि यदि आने वाले महीनों में केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल होता है तो देवेंद्र फडणवीस को उसमें जगह दी जा सकती है और उनकी जगह राज्य में भाजपा का कोई अन्य नेता मुख्यमंत्री बन सकता है।
इस पर फडणवीस ने कहा था कि राजनीति में भूमिकाएं बदलती रहती हैं और बदलनी भी चाहिए।
परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के आरोपों को लेकर जारी आंदोलन पर पूछे गए सवाल के जवाब में अमृता फडणवीस ने कहा कि जब तक आंदोलन केवल इसी मुद्दे तक सीमित रहे, तब तक वह उचित है। पूर्व बैंकर अमृता फडणवीस ने कहा, ”यदि आंदोलन केवल प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे तक सीमित है तो इसमें कोई समस्या नहीं है। सरकार पर्दे के पीछे सुधारात्मक कदम उठा रही है और अब उसके परिणाम भी दिखाई देने लगे हैं।” उन्होंने प्रश्नपत्र लीक रोकने के लिए प्रस्तावित संशोधन विधेयक का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि छात्र जिन बदलावों की अपेक्षा कर रहे हैं, वे किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ”हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक सुधारात्मक कदम उठा रही है कि भविष्य में इस तरह के प्रश्नपत्र लीक न हों।” प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई तथा महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे द्वारा प्रस्तावित संयुक्त विरोध-प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि यह एक सकारात्मक घटनाक्रम है।
उन्होंने कहा, ”पहले वे अलग-अलग थे, लेकिन अब उनका साथ आना अच्छी बात है।” आंदोलन के दौरान हुई ंिहसा पर टिप्पणी करते हुए अमृता फडणवीस ने कहा कि छात्रों या पुलिसर्किमयों पर हमला किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा, ”चाहे छात्रों पर ंिहसा हो या पुलिस पर, दोनों ही ंिनदनीय हैं। आंदोलन के दौरान हुई यह घटना एक काला अध्याय थी और ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए। जिन्होंने अनुचित व्यवहार किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।” अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के विषय पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक और प्रत्येक कलाकार को अपनी बात रखने का अधिकार है।
उन्होंने कहा, ”हर नागरिक और हर कलाकार को अपनी बात रखने का अधिकार है और मुझे खुशी है कि वे अपने इस अधिकार का उपयोग कर रहे हैं।” अमृता फडणवीस ने बताया कि उन्होंने भगवान विट्ठल से लोगों की समस्याओं के समाधान और किसानों की समृद्धि के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा, ”मैंने प्रार्थना की कि महाराष्ट्र और पूरे देश के लोगों की समस्याओं का समाधान हो तथा हमारे किसान समृद्ध हों।”



