प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर रास में हंगामा, बैठक दोपहर दो बजे तक स्थगित

नयी दिल्ली: नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक मंगलवार को शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।

हंगामे के कारण उच्च सदन में आज भी शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाया। बैठक शुरू होने पर सभापति सी पी राधाकृष्णन ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और शून्यकाल शुरू किया। उन्होंने असम से यूपीपी (एल) के रवंगवरा नारजारी को अपना मुद्दा उठाने के लिए कहा। नारजारी ने बोडो भाषा में बोलना शुरू किया।

इसी दौरान विपक्षी सांसद अपनी सीटों से खड़े हो गए और पिछले सप्ताह राष्ट्रीय राजधानी में नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा कथित रूप से बल प्रयोग किए जाने का मुद्दा उठाने लगे। हंगामे के कारण नारजारी की बात सुनी नहीं जा सकी।

विपक्षी सांसदों, खासकर वाम दलों के सदस्यों ने मांग की कि नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर बयान दें। सत्तापक्ष के सदस्यों ने इस मांग का विरोध किया, वहीं विपक्षी सदस्यों ने अपनी मांग के समर्थन में नारे लगाने शुरू कर दिए।

विपक्षी सदस्यों ने यह मांग की कि अमित शाह सदन में आकर पुलिस कार्रवाई पर स्पष्टीकरण दें। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी व्यवस्था का प्रश्न उठाना चाहते थे, लेकिन शोर-शराबे के कारण वह ऐसा नहीं कर सके। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदस्यों से शून्यकाल में सूचीबद्ध मुद्दे उठाने को कहा, लेकिन हंगामा जारी रहने पर उन्होंने करीब 11 बजकर सात मिनट पर ही सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई को शुरू हुआ और नीट प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण अब तक एक भी दिन सदन में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाए हैं।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button