‘राजनीति करने में व्यस्त रही सरकार’, विधेयक पर चर्चा के दौरान क्या बोले खरगे?

नई दिल्ली: आज संसद के मानसून सत्र का नौवां दिन है। विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित कर दी गई। दोपहर तीन बजे तक के लिए निचले सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई है। वहीं, राज्यसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा जारी है।

प्रदर्शनकारियों को लगी हर चोट के लिए सरकार जिम्मेदार: खरगे

राज्यसभा में गुरुवार को विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि भाजपा की राजनीति की वजह से देश को पेपर लीक, विरोध प्रदर्शन और पुलिस की बर्बरता जैसी घटनाएं देखनी पड़ीं। उन्होंने कहा, अगर पार्टी छोटी राजनीति में शामिल नहीं होती तो इन सभी घटनाओं को रोका जा सकता था। खरगे ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को लगी हर चोट के लिए सरकार जिम्मेदार है।

छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के बजाय राजनीति करने में व्यस्त रही सरकार: खरगे

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को पेपर लीक रोकने वाले विधेयक को पहले नहीं लाए जाने पर सवाल उठाए। खरगे ने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के बजाय राजनीति करने में व्यस्त रही। उन्होंने आरोप लगाया, आप दिल्ली में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए विधेयक लेकर आए हैं। आप सुधारों के लिए विधेयक लेकर नहीं आए हैं।

विधेयक में नए प्रावधानों से कुछ नहीं होगा: खरगे

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘गुनहगार हंसते रहे और मासूम सिसकते रहे’ पंक्तियों के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा, विधेयक में नए प्रावधानों से कुछ नहीं होगा। जो अब कर रहे हैं, 2024 में क्यों नहीं किया। आंकड़े बदलने से कुछ नहीं होगा।

राज्यसभा को संबोधित कर रहे विपक्ष के नेता खरगे

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जन खरगे लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा कर रहे हैं।

कांग्रेस के अधूरे कामों को पूरा कर रहे पीएम मोदी: जितेंद्र सिंह

राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, हमारे पास चार प्रमुख भर्ती एजेंसियां हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों के लिए परीक्षाएं आयोजित करती हैं। इनमें संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) और बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (आईबीपीएस) शामिल हैं। उच्च शिक्षा में प्रवेश परीक्षाओं के लिए अब हमारे पास राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) है।

उन्होंने कहा, यह विडंबना है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी बनाने का विचार पहली बार 1992 में रखा गया था, यानी करीब 33 साल पहले। उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। वर्षों के दौरान कई समितियों ने इस विचार को दोहराया और 2010 में भी एक समिति ने ऐसी एजेंसी बनाने की जोरदार सिफारिश की थी। उन्होंने कहा, मुझे भरोसा है कि वे (विपक्ष) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करेंगे और उन्हें धन्यवाद देंगे कि जो काम अधूरा रह गया था, उसे अब पूरा किया जा रहा है।

छात्रों युवाओं के कल्याण की सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध: जितेंद्र सिंह

राज्यसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पेश करते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, पेपर लीक विरोधी विधेयक इस बात को दोहराता है कि सरकार देश के छात्रों और युवाओं के कल्याण की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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