
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठन में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने नितिन नबीन की अध्यक्षता में अपने राष्ट्रीय उपाध्यक्षों, महासचिवों, सचिवों और मोर्चा प्रमुखों में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने 65 पदाधिकारियों में से अधिकतर को बदल दिया है और सिर्फ कुछ को ही उनके पद पर बरकरार रखा है। सबसे बड़ा बदलाव भाजपा के सचिव और मोर्चा स्तर पर ही हुआ। जहां राष्ट्रीय सचिवों में से सिर्फ एक नेता- अनिल एंटनी को बरकरार रखा गया तो वहीं मोर्चे के सभी अध्यक्षों को हटा दिया गया है। उनकी जगह नए प्रमुखों को बिठाया गया है।
पहले जानें- राजनीति में आने से पहले कैसा था हेमांग जोशी का जीवन?
हेमांग जोशी का जन्म 1991 में गुजरात के पोरबंदर में हुआ। साल 2008 में जब उनके पिता वडोदरा चले आए, तब जोशी ने अपनी उच्च शिक्षा के लिए लोकप्रिय महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय (एमएसयू) में प्रवेश लिया। वे साल 2008 से लेकर 2021 तक इस विश्वविद्यालय से जुड़े रहे।
हेमांग ने अपनी 2015 में स्नातक की पढ़ाई फिजियोथेरेपी से की। बैचलर्स इन फिजियोथेरेपी (बीपीटी) की पढ़ाई करने की वजह से ही अपने नाम के आगे डॉक्टर लगाते हैं। इसके बाद साल 2016 में उन्होंने इसी विश्वविद्यालय से मानव संसाधन प्रबंधन में पोस्ट ग्रैजुएट की डिग्री हासिल की।



