स्वास्थ्य घोटाला मामले में डीजीएचएस की पूर्व डीजी को चार सप्ताह की अंतरिम जमानत

नयी दिल्ली:  दिल्ली की एक अदालत ने स्वास्थ्य खरीद ”घोटाला” मामले में गिरफ्तार स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) की पूर्व महानिदेशक (डीजी) वत्सला अग्रवाल को मंगलवार को चिकित्सा आधार पर चार सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी।

अग्रवाल (61) के वकील ने अंतरिम राहत की मांग करते हुए याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि वह उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं। विशेष न्यायाधीश विद्या प्रकाश ने कुछ शर्तों के साथ अंतरिम जमानत दी, जिसमें एक लाख रुपये का जमानती मुचलका और इतनी ही राशि की दो जमानतें देना शामिल है।

दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने दवाओं, र्सिजकल सामान और चिकित्सा उपकरणों की कई करोड़ रुपये की खरीद से जुड़े कथित घोटाले के मामले में उन्हें 27 जून को गिरफ्तार किया था। इससे पहले मामले में केंद्रीय खरीद एजेंसी (सीपीए) के पूर्व प्रमुख डॉ. विजय कुमार रंगा को 18 जून को गिरफ्तार किया गया था। रंगा की नियमित जमानत की याचिका अदालत ने सोमवार को खारिज कर दी थी।

एसीबी के अनुसार, मामला डीजीएचएस के तहत काम करने वाली सीपीए द्वारा कई सौ करोड़ रुपये की खरीद में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। सतर्कता निदेशालय द्वारा संदिग्ध लेनदेन और संभावित प्रक्रियागत उल्लंघनों की जानकारी दिए जाने के बाद जांच शुरू की गई थी।

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