मुंबई का माहौल बिगाड़ना चाहते हैं यूपी-बिहार चुनाव पर आंख गड़ाए नेता, परिवहन मंत्री का दावा

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Tue, 25 Aug 2026 04:25 PM
मुंबई का माहौल बिगाड़ना चाहते हैं यूपी-बिहार चुनाव पर आंख गड़ाए नेता, परिवहन मंत्री का दावा
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मुंबई:  महाराष्ट्र सरकार के ‘मराठी भाषा प्रवीणता अभियान’ के बीच, राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मंगलवार को आरोप लगाया कि आगामी उत्तर प्रदेश और बिहार चुनावों के मद्देनजर कुछ नेता मुंबई और पड़ोसी जिले ठाणे का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

सरनाईक ने स्पष्ट किया कि अब तक किसी भी टैक्सी या आॅटो-रिक्शा चालक पर 500 रुपये का भी जुर्माना नहीं लगाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग चालकों पर 20,000 रुपये से 25,000 रुपये तक का भारी जुर्माना लगाए जाने का भ्रामक दावा कर रहे हैं।

राज्य सचिवालय में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए सरनाईक ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की और कहा, “समाज में ंिहदी और मराठी भाषा के नाम पर जानबूझकर विवाद खड़ा करने और शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है।” शिवसेना (ंिशदे गुट) के वरिष्ठ नेता का यह बयान उन खबरों के बाद आया है, जिनमें इस मराठी भाषा प्रवीणता अभियान के तहत भारी-भरकम जुर्माने की अफवाहों के चलते मुंबई के कई हिस्सों में चालकों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया था। इस भ्रम की स्थिति को दूर करने के लिए खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सामने आना पड़ा था।

सरनाईक ने बताया कि उनके साथी और पार्टी में उत्तर भारतीय समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले संजय निरूपम, समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी और आॅटो-टैक्सी यूनियन नेता शशांक राव सहित कई लोगों ने इस संबंध में उनसे संपर्क किया था।
परिवहन मंत्री ने कहा कि अब तक किसी भी राजनीतिक दल या चालक संगठन ने गैर-मराठी चालकों के लिए मराठी का ‘कार्यसाधक ज्ञान’ अनिवार्य करने के सरकार के फैसले का विरोध नहीं किया है। फिर भी इस मुद्दे पर जानबूझकर क्षेत्रीय तनाव पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने दावा किया, “चूंकि उत्तर प्रदेश और बिहार में चुनाव होने वाले हैं, इसलिए वहां के कुछ नेता मुंबई और ठाणे में स्थिति तनावपूर्ण बनाना चाहते हैं।” सरनाईक ने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर भारत के कुछ नेता जानबूझकर ऐसे वीडियो बना रहे हैं, जिनमें आॅटो-रिक्शा को ट्रेनों से उत्तर भारत ले जाते दिखाया जा रहा है और “हम तो चले परदेस” जैसे गाने बैकग्राउंड में लगाकर प्रसारित किए जा रहे हैं, जबकि असल में ये वाहन महाराष्ट्र में ही चल रहे हैं।

चालकों की आशंकाओं को दूर करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने सोमवार को कहा था कि इस नियम का मकसद चालकों को भाषा विशेषज्ञ बनाना नहीं है, बल्कि केवल इतना सुनिश्चित करना है कि वे यात्रियों से स्थानीय भाषा में संवाद कर सकें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चालकों को भाषा सीखने का पर्याप्त समय दिया गया है और अब तक किसी का लाइसेंस रद्द नहीं किया गया है।

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