यादवपुर अशांति मामला: घायल कुलपति के काम पर लौटने के बाद जांच समिति इस सप्ताह पहली बैठक करेगी

कोलकाता: यादवपुर विश्वविद्यालय में हाल में हुई हिंसा की जांच के लिए गठित समिति इस सप्ताह अपनी पहली बैठक कर सकती है। अधिकारियों ने बताया कि यह बैठक विश्वविद्यालय के ”घायल” कुलपति के काम पर लौटने के बाद होगी। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार रात हितधारकों के साथ बैठक के बाद लौटते समय कुलपति चिरंजीव भट्टाचार्य ठोकर लगने से गिर गए थे जिससे उनके घुटने में चोट लग गई थी और चिकित्सकों ने उन्हें तीन दिन आराम करने की सलाह दी थी।

यादवपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जेयूटीए) के एक पदाधिकारी ने कहा, ”उनके बृहस्पतिवार या शुक्रवार को परिसर में लौटने की उम्मीद है।” वामपंथी छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन आॅफ इंडिया (एसएफआई), रिवोल्यूशनरी स्टूडेंट्स फ्रंट (आरएसएफ), आॅल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स आॅर्गेनाइजेशन (एआईडीएसओ) और ‘फैकल्टी आॅफ इंजीनियंिरग एंड टेक्नोलॉजी स्टूडेंट्स यूनियन’ (एफईटीएसयू) भी कुलपति के लौटने के बाद विश्वविद्यालय के अधिकारियों से मुलाकात करने की मांग कर रहे हैं।

विश्वविद्यालय परिसर में 19 अगस्त की शाम को एफईटीएसयू की एक आम बैठक हुई। इसके बाद, 20 अगस्त की सुबह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और वामपंथी झुकाव वाले छात्र समूहों के बीच झड़प हो गई, जिसमें कई छात्र घायल हो गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर परिसर में बाहरी लोगों को लाने का आरोप लगाया।

इसी से जुड़ी एक अन्य घटना में 20 अगस्त की दोपहर को एसएफआई और एबीवीपी के समर्थक एक ही सड़क के दो सिरों से परिसर में घुसने की कोशिश करते हुए पुलिस से भिड़ गए जब पुलिस उन्हें रोकने की कोशिश कर रही थी। इस हंगामे के दौरान गेट नंबर चार से विश्वविद्यालय के प्रतीक चिह्न को नीचे गिरा दिया गया।

एसएफआई नेता अंजिल दास ने कहा, ”हम जांच समिति की बैठक का इंतजार कर रहे हैं… हम उस दिन समिति को एक ज्ञापन सौंपेंगे।” छात्रों ने इन झड़पों के लिए जिम्मेदार विश्वविद्यालय के अधिकारियों और सुरक्षाकर्मी समेत सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

दास ने कहा कि उन्होंने यह भी मांग की है कि जांच के दायरे में आने वाले लोगों को इस दौरान परिसर में आने से रोका जाए ताकि प्रक्रिया प्रभावित या बाधित नहीं हो। कोलकाता पुलिस के अधिकारी मंगलवार को विश्वविद्यालय पहुंचे और झड़पों से संबंधित सीसीटीवी फुटेज जमा किए।

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