सागर में जहरीली शराब का कहर: 28 मौतों का दावा, 90 मरीज अस्पताल में भर्ती; पांच की हालत बेहद गंभीर

बंडा और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध जहरीली शराब से मौतों का आंकड़ा बढ़ने की खबर, प्रशासन ने 15 मौतों की पुष्टि की; कई मरीजों की आंखों और किडनी पर पड़ा असर

सागर: मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब कांड के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। बंडा और आसपास के इलाकों से सामने आए इस मामले में अब तक 28 लोगों की मौत का दावा किया जा रहा है, जबकि प्रशासन की ओर से फिलहाल 15 मौतों की आधिकारिक पुष्टि की गई है। दूसरी ओर, बड़ी संख्या में मरीजों के अस्पताल पहुंचने से स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) में इस समय करीब 90 मरीजों का इलाज चल रहा है। गंभीर मरीजों की संख्या को देखते हुए अस्पताल में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं और स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य अमला लगातार निगरानी कर रहा है।

आईसीयू में नौ मरीज, पांच वेंटिलेटर सपोर्ट पर

बीएमसी के आईसीयू में नौ गंभीर मरीज भर्ती बताए गए हैं। इनमें से पांच मरीजों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। डॉक्टर गंभीर रूप से प्रभावित मरीजों की लगातार निगरानी कर रहे हैं।

बताया गया है कि कुछ मरीजों के शरीर से जहरीले तत्वों को बाहर निकालने के लिए बार-बार डायलिसिस की जरूरत पड़ रही है। इसके अलावा कई पीड़ितों की आंखों की रोशनी प्रभावित होने की भी जानकारी सामने आई है। जहरीले पदार्थ के असर से किडनी सहित अन्य अंगों पर भी गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका के बीच मरीजों का विशेष इलाज किया जा रहा है।

तीन और मौतों की सूचना, जांच के बाद होगी पुष्टि

इस घटना में मौतों का आंकड़ा बढ़ने की खबर लगातार सामने आ रही है। बीती रात इलाज के दौरान छापरी निवासी 38 वर्षीय अरविंद विश्वकर्मा और धुरमार निवासी 32 वर्षीय रामस्वरूप अहिरवार की मौत की जानकारी सामने आई।

इसके अलावा रिझावर सानौधा निवासी 50 वर्षीय नर्मदा प्रसाद की मौत की भी सूचना है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही आधिकारिक पुष्टि किए जाने की बात कही गई है।

अस्पताल में बढ़ी सतर्कता, गंभीर मरीजों पर विशेष नजर

एक साथ बड़ी संख्या में मरीजों के पहुंचने के बाद बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और मजबूत किया गया है। गंभीर मामलों को देखते हुए आईसीयू और अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती गंभीर रूप से प्रभावित मरीजों की स्थिति को स्थिर रखना है। जिन लोगों में आंखों की रोशनी और किडनी से जुड़ी समस्याएं सामने आई हैं, उनका विशेषज्ञों की निगरानी में इलाज किया जा रहा है।

आबकारी विभाग ने की शराब दुकानों और वेयरहाउस की जांच

मामले के बाद प्रशासन ने जांच और कार्रवाई तेज कर दी है। आबकारी विभाग की तीन टीमों ने जिले में स्थित वेयरहाउस, डिस्टलरी और शराब दुकानों की गहन जांच की।

जांच के दौरान फैक्ट्री, वेयरहाउस और सरकारी दुकानों में उपलब्ध ‘सागर गोल्ड’ ब्रांड को जांच में क्लीन चिट मिलने की जानकारी सामने आई है। वहीं बम्बइया और डीसीआर ब्रांड की सप्लाई पर अगले आदेश तक रोक जारी रखने का फैसला किया गया है।

30 आरोपियों पर एफआईआर, 14 गिरफ्तार

पुलिस और आबकारी विभाग की कार्रवाई भी जारी है। बरेठी और बरायठा स्थित शराब दुकानों के संचालकों सिद्धार्थ कुशवाह और यशवंत ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उनके शराब लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

बंडा और बिनैका थाना क्षेत्रों में इस मामले से जुड़े 30 आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। पुलिस ने इनमें से 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

प्रशासन की नजर जांच रिपोर्ट पर

जहरीली शराब से जुड़े इस पूरे मामले में मौतों और बीमार पड़ने की वास्तविक वजह की जांच की जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर आधिकारिक आंकड़े और अन्य रिपोर्टों का मिलान किया जा रहा है। सील की गई अन्य शराब दुकानों की जांच पूरी होने के बाद उनके संचालन को लेकर भी फैसला लिया जाएगा।

सागर का यह मामला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अस्पतालों में भर्ती मरीजों की स्थिति, मौतों की जांच और संदिग्ध शराब की सप्लाई श्रृंखला की जांच पर प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई जारी है।

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