
नई दिल्ली: निर्वाचन आयोग ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दोनों गुटों के लिए नए नाम और चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं। ममता गुट को ममता अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस नाम और चुनाव चिह्न फुटबॉल खिलाड़ी मिला है। पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी।
टीएमसी के दोनों गुटों को क्या निर्देश दिया गया था?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता वाले आयोग ने दोनों गुटों को निर्देश दिया था। दोनों को तीन पसंदीदा अस्थायी नाम देने थे। साथ ही मुफ्त चुनाव चिह्नों की सूची से तीन विकल्प भी देने थे। यह सब शुक्रवार सुबह 11 बजे तक देना था। आयोग के 14 पन्नों के अंतरिम आदेश में एक बात साफ की गई। दोनों गुट अपने अस्थायी नाम में मूल पार्टी से जुड़ा कोई दिखने वाला चिह्न या शब्द रख सकते हैं। आयोग ने कहा कि यह अंतरिम इंतजाम इसलिए किया गया है। इससे दोनों गुटों को बराबर का मौका मिलेगा। साथ ही उनके अधिकार और हित सुरक्षित रहेंगे। यह इंतजाम अंतिम फैसला आने तक लागू रहेगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता वाले आयोग ने दोनों गुटों को निर्देश दिया था। दोनों को तीन पसंदीदा अस्थायी नाम देने थे। साथ ही मुफ्त चुनाव चिह्नों की सूची से तीन विकल्प भी देने थे। यह सब शुक्रवार सुबह 11 बजे तक देना था। आयोग के 14 पन्नों के अंतरिम आदेश में एक बात साफ की गई। दोनों गुट अपने अस्थायी नाम में मूल पार्टी से जुड़ा कोई दिखने वाला चिह्न या शब्द रख सकते हैं। आयोग ने कहा कि यह अंतरिम इंतजाम इसलिए किया गया है। इससे दोनों गुटों को बराबर का मौका मिलेगा। साथ ही उनके अधिकार और हित सुरक्षित रहेंगे। यह इंतजाम अंतिम फैसला आने तक लागू रहेगा।
इससे पहले दोनों गुटों के उम्मीदवारों ने टीएमसी के नाम पर नामांकन दाखिल किए थे। दोनों गुटों ने टकराव वाले फॉर्म-बी जमा किए थे। ये नामांकन पश्चिम बंगाल और असम के उपचुनावों के लिए थे। निर्वाचन आयोग ने कहा था कि पार्टी के मुख्य नाम और चिह्न पर रोक जारी रहेगी। यह रोक तब तक लागू रहेगी, जब तक आयोग दावों पर अंतिम फैसला नहीं दे देता। यह फैसला चुनाव चिह्न आदेश, 1968 के पैरा 15 के तहत आएगा।



