
हरिद्वार: हरिद्वार के सप्त सरोवर क्षेत्र में स्थित चाय की एक दुकान से शुक्रवार को निठारी नरकंकाल बरामदगी मामले में मुख्य आरोपी रहे सुरेंद्र कोली का शव बरामद हुआ। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच के दौरान ऐसा प्रतीत हुआ है कि कोली ने अपनी दुकान में कथित रूप से फंदा लगाकर आत्महत्या की।
हरिद्वार के पुलिस नगर उपाधीक्षक शिशुपाल ंिसह नेगी ने बताया कि सप्तऋषि इलाके में स्थित दुकान में एक व्यक्ति का शव पड़ा होने की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को कोली के गले में रस्सी का फंदा बंधा हुआ मिला जबकि छत पर लगे पंखे से भी रस्सी का एक टुकड़ा बंधा हुआ था।
नेगी ने कहा कि आशंका है कि मरने के बाद शव के भार से रस्सी टूट गई और वह नीचे गिर गया। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और कोली की मौत के कारणों के बारे में स्पष्ट रूप से पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि घटनास्थल से सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। नेगी के अनुसार, करीब 11 बजे लालमाता मंदिर के सामने स्थित चाय की दुकान में शव मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान मृतक की पहचान अल्मोड़ा के भिकियासैंण क्षेत्र के मगरूखाल के निवासी सुरेंद्र कोली के रूप में हुई।
पुलिस के अनुसार, कोली अल्मोड़ा का मूल निवासी है और उसके परिजन को सूचना दे दी गई है। पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच के दौरान पता चला है कि निठारी कांड में अदालत से बरी होने के बाद कोली कुछ दिन से हरिद्वार में रह रहा था और इसी महीने उसने चाय का खोखा किराये पर लिया था।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। निठारी कांड 2006 में सामने आया था जब नोएडा के सेक्टर 31 में कारोबारी मोंिहदर ंिसह पंढेर के बंगले के पीछे के हिस्से और नालियों से कंकाल, खोपड़ियां और हड्डियां मिली थीं।
कई बच्चों और महिलाओं के गायब होने और उनकी हत्याओं का पता चलने के बाद इस घटना ने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया था।
मामले में सह-आरोपी पंढेर भी कई सालों तक जेल में रहा, लेकिन मामले में बरी होने के बाद 20 अक्टूबर 2023 को उसे रिहा कर दिया गया।
निठारी कांड में एकमात्र दोषी कोली को भी उच्चतम न्यायालय ने 2025 में आखिरी मामले में बरी कर दिया था। यह निठारी कांड से संबंधित 13वां मामला था जिसमें कोली को बरी किया गया था। इससे पहले उसे इसी तरह के 12 अन्य मामलों में बरी किया जा चुका था।



