पुनीत राजकुमार को एक नवंबर को मरणोपरांत ”कर्नाटक रत्न” से सम्मानित किया जाएगा: मुख्यमंत्री

बेंगलुरु. कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने शुक्रवार को कहा कि एक नवंबर को राज्य स्थापना दिवस ‘कनार्टक राज्योत्सव’ के अवसर पर, कन्नड़ फिल्म अभिनेता पुनीत राजकुमार को मरणोपरांत ‘कर्नाटक रत्न’ पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. अभिनेता का पिछले साल निधन हो गया था. वह राज्य के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित होने वाले 10वें व्यक्ति होंगे.

बोम्मई ने कहा, ‘‘हमने एक नवंबर को पुनीत राजकुमार को कर्नाटक रत्न पुरस्कार देने का फैसला किया है, हम इसकी तैयारी के लिए एक समिति बनाएंगे जिसमें राजकुमार के परिवार के सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा, इसे पूरे सम्मान से आयोजित किया जाएगा.’’ मुख्यमंत्री ने यहां लालबाग ग्लास-हाउस में वार्षिक स्वतंत्रता दिवस पुष्प प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. इस साल के फ्लावर शो में कन्नड़ अभिनेता डॉ राजकुमार और उनके बेटे एवं अभिनेता पुनीत राजकुमार को विशेष पुष्पांजलि अर्पित की गई.

कन्नड़ सिनेमा का चमकता सितारा माने जाने वाले पुनीत, कन्नड़ अभिनेता डॉ राजकुमार के पांच बच्चों में सबसे छोटे थे. उनका 46 वर्ष की आयु में 29 अक्टूबर को हृदय गति रुकने से निधन हो गया. मुख्यमंत्री ने पिछले साल नवंबर में फिल्म अभिनेता और तकनीशियन संघ के सहयोग से कर्नाटक फिल्म चैंबर आॅफ कॉमर्स (केएफसीसी) द्वारा पुनीत राजकुमार को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित कार्यक्रम ‘‘पुनीता नमना’’ में दिवंगत अभिनेता को पुरस्कार देने की घोषणा की थी.

कर्नाटक रत्न से आखिरी बार 2009 में समाज सेवा के लिए डॉ वीरेंद्र हेगड़े को सम्मानित किया गया था. दिलचस्प बात यह है कि पुनीत के दिवंगत पिता राजकुमार 1992 में कवि कुवेम्पु के साथ कर्नाटक रत्न पुरस्कार पाने वाले पहले लोगों में शामिल हैं. पुरस्कार से सम्मानित अन्य हस्तियां एस निजंिलगप्पा (राजनीति), सीएनआर राव (विज्ञान), डॉ देवी प्रसाद शेट्टी (चिकित्सा), भीमसेन जोशी (संगीत), शिवकुमार स्वामीजी (समाज सेवा) और डॉ जे जावरेगौड़ा (शिक्षा और साहित्य) हैं.

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