फिल्मों के बहिष्कार का कोई मतलब नहीं: अक्षय कुमार

कोलकाता. अभिनेता अक्षय कुमार ने सोमवार को कहा कि भारत जैसे आजाद देश में फिल्मों का बहिष्कार करने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि एक उद्योग के तौर पर सिनेमा भी राष्ट्र निर्माण में योगदान देता है. अभिनेता से एक संवाददाता सम्मेलन में उनकी आगामी फिल्म ‘रक्षा बंधन’ के साथ-साथ आमिर खान अभिनीत ‘लाल सिंह चड्ढा’ के खिलाफ सोशल मीडिया पर बहिष्कार के आह्वान पर टिप्पणी करने के लिए कहा गया था. दोनों फिल्में बृहस्पतिवार को रिलीज होने वाली हैं.

‘‘अगर आपका फिल्म देखने का मन नहीं है, तो न देखें. यह एक स्वतंत्र देश है और फिल्म भी इसका हिस्सा है, इसलिए अगर कोई इसे देखना चाहता है या नहीं, तो यह उनके ऊपर है. अक्षय ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं आपको बताना चाहता हूं कि चाहे वह कोई भी उद्योग हो, चाहे वह कपड़ा उद्योग हो, फिल्म उद्योग हो या कुछ और, इन सभी से अर्थव्यवस्था को मदद मिलती है. लेकिन फिल्मों का बहिष्कार करने जैसी चीजें करने का कोई मतलब नहीं है.’’

‘रक्षा बंधन’ के प्रचार के लिए कोलकाता आए अभिनेता ने लोगों से इस तरह के चलन का हिस्सा नहीं बनने की भी अपील की. उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने देश को सबसे बड़ा और महान बनाने के मोड़ पर हैं. इसलिए मैं बस आपसे अनुरोध करूंगा कि इस तरह की बातों में नहीं आएं और मैं आपसे (रिपोर्टर से) भी अनुरोध करूंगा कि आप इन सब में नहीं पड़ें. यह बेहतर होगा. केवल हमारे देश के लिए.’’ पिछले हफ्ते सोशल मीडिया पर ‘लाल सिंह चड्ढा’ के बहिष्कार का आह्वान करने वाले हैशटैग ट्रेंड कर रहे थे. सोशल मीडिया पर इस तरह के ट्रेंड को लेकर टिप्पणी के लिए कहे जाने पर आमिर ने कहा था कि वह बहिष्कार के आह्वान से दुखी हैं और दर्शकों से उनकी फिल्म को नजरअंदाज नहीं करने का आग्रह करते हैं.

बाद में अक्षय की ‘रक्षा बंधन’ के खिलाफ इसी तरह के हैशटैग भी आॅनलाइन प्लेटफॉर्म पर आए. आनंद एल. राय निर्देशित यह फिल्म एक दुकान के मालिक राजू (अक्षय) की कहानी कहती है, जो अपनी चार छोटी बहनों की शादी करने के लिए संघर्ष कर रहा है. इसमें कुमार की आॅन-स्क्रीन बहनों की भूमिका में सादिया खतीब, सहजमीन कौर, दीपिका खन्ना और स्मृति श्रीकांत हैं.

आगामी फिल्म में दहेज का भी मुद्दा केंद्र में है, जिसे अभिनेता ने कहा कि ‘‘दुर्भाग्य से’’ अब भी यह समाज में प्रचलित है. उन्होंने कहा, ‘‘दूल्हे के परिवार को उपहार के नाम पर जो दिया जाता है, जिसे कुछ लड़कियों के माता-पिता दहेज कहते हैं… मेरी फिल्म इस समस्या के बारे में बात करती है. इसमें कई तत्व हैं जो इससे संबंधित हैं.’’ अक्षय ने कहा कि वह 13-15 अगस्त तक हर घर में तिरंगा फहराने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान का समर्थन करते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हमारी आजादी के 75वें वर्ष में मैं हमारे माननीय प्रधानमंत्री के आह्वान का समर्थन करता हूं. प्रत्येक देशभक्त भारतीय को ऐसा ही करना चाहिए.’’ ‘रक्षा बंधन’ में भूमि पेडणेकर भी हैं.

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