कोलकाता. पश्चिम बंगाल के मंत्री उदयन गुहा ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं और अगर उनमें से एक पर हमला हुआ तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो कार्यकर्ताओं को पीटा जाएगा. कोलकाता और हावड़ा में मंगलवार को भाजपा की रैलियों के हिंसक होने के कुछ ही देर बाद कूचबिहार जिले के दिनहाटा के विधायक गुहा ने सीतलकुची में पार्टी की एक बैठक में यह टिप्पणी की.
उत्तर बंगाल विकास मंत्री गुहा ने कहा, ‘‘हमने चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं. अगर मेरे लोगों पर हमला किया जाता है, तो हम हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठेंगे. उन्हें याद रखना चाहिए कि यदि उन्होंने हम में से एक को पीटा, तो हम उनके दो लोगों को पीटेंगे.’’ भाजपा ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के नेताओं से इसी तरह के बयानों की उम्मीद है. भाजपा प्रदेश प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘तृणमूल कांग्रेस के कुकृत्यों का जितना अधिक पर्दाफाश हो रहा है, उतना ही उनके नेता हताश हो रहे हैं और हताशा में इस तरह की टिप्पणी कर रहे हैं.’’
पुलिस भाजपा के हिंसक प्रदर्शनकारियों पर गोली चला सकती थी, लेकिन सरकार ने संयम बरता: ममता
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्य सचिवालय तक मार्च के दौरान पुलिस, पार्टी के ‘‘हिंसक’’ प्रदर्शनकारियों पर गोली चला सकती थी, लेकिन सरकार ने ‘‘अधिकतम’’ संयम बरता. बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा मंगलवार के अपने ‘नबन्ना अभियान’ के लिए राज्य के बाहर से ट्रेनों से बमों से लैस गुंडों को लेकर आई थी.
पूर्व मेदिनीपुर जिले के निमटौरी में एक प्रशासनिक बैठक के दौरान उन्होंने कहा, ‘‘उस रैली में भाग लेने वालों ने कई पुलिसर्किमयों पर बेरहमी से हमला किया… पुलिस गोलियां चला सकती थी, लेकिन हमारे प्रशासन ने अधिकतम संयम दिखाया.’’ मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा कि बंगाल के सबसे बड़े त्योहार दुर्गा पूजा से कुछ हफ्ते पहले इस विरोध मार्च से यात्रियों और व्यापारियों को परेशानी हुई.
उन्होंने कहा, ‘‘हम लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के खिलाफ नहीं हैं लेकिन, भाजपा और उसके समर्थकों ने हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी का सहारा लिया. उन्होंने संपत्तियों को आग लगा दी और लोगों में भय उत्पन्न किया.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम इसकी अनुमति नहीं देंगे. गिरफ्तारियां की जा रही हैं और कानून अपना काम करेगा.’’
क्या पश्चिम बंगाल सरकार को उत्तर प्रदेश के ‘बुलडोजर मॉडल’ का अनुसरण करना चाहिए: मोइत्रा
पश्चिम बंगाल के कोलकाता और हावड़ा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की रैली के दौरान हुई ंिहसा के एक दिन बाद तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने बुधवार को पूछा कि क्या पश्चिम बंगाल सरकार को उत्तर प्रदेश सरकार का अनुसरण करते हुए भाजपा के नेताओं के घरों को बुलडोजर से जमींदोज कर देना चाहिए. भाजपा पर ट्विटर पोस्ट के जरिये निशाना साधते हुए मोइत्रा ने यह भी सवाल किया कि क्या केंद्र सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति का पहला अध्याय पुलिस वाहन को कैसे जलाए है.
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘क्या होगा यदि पश्चिम बंगाल ने, ‘भोगीजी’ अजय बिष्ट के मॉडल का इस्तेमाल किया और भाजपा के उन कार्यकर्ताओं के घर बुलडोजर भेजे, जिन्होंने कल सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था? क्या भाजपा अपनी ही नीति के साथ खड़ी रहेगी या उससे पीछे हट जायेगी?’’ उल्लेखनीय है कि अजय बिष्ट उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्म का नाम है. उत्तर प्रदेश का प्रशासन अपराध में संलिप्त आरोपी लोगों की अवैध संपत्तियों को बुलडोजर के जरिये ध्वस्त कर देता है.
मोइत्रा ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘भाजपा की नयी शिक्षा नीति का पहला अध्याय, कैसे पुलिस वाहनों में आग लगाई जाए.’’
कृष्णानगर से लोकसभा सदस्य मोइत्रा ने इसके साथ ही एक तस्वीर भी साझा की जिसमें कुछ लोग पुलिस की एक कार में आग लगाते नजर आ रहे हैं. यह तस्वीर कथित तौर पर मंगलवार की रैली के दौरान हुई ंिहसा की है. मोइत्रा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, भाजपा के वरिष्ठ नेता राहुल सिन्हा ने कहा कि उन्हें पहले यह बताना चाहिए कि क्या टीएमसी सदस्यों द्वारा पश्चिम बंगाल विधानसभा की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के मामले में भी यही मानदंड लागू किया जा सकता है.
वह, 30 नवंबर 2006 की घटना का संदर्भ दे रहे थे, जब तृणमूल कांग्रेस विपक्ष में थी और ममता बनर्जी को पुलिस द्वारा सिंगुर जाने से रोके जाने के बाद उनकी पार्टी के सदस्यों द्वारा विधानसभा में तोड़फोड की गई थी. सिन्हा ने कहा, ‘‘मोइत्रा को बताना चाहिए कि क्या उसी नियम को उनकी पार्टी के सहयोगियों पर लागू किया जा सकता है जिन्होंने विधानसभा की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया था.’’ सिन्हा ने हालांकि कहा कि यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि आगजनी की कार्रवाई भाजपा समर्थकों ने की या तृणमूल कार्यकर्ताओं ने की.