भुवनेश्वर. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने बीजू जनता दल (बीजद) की भाजपा के साथ राजनीतिक मिलीभगत के लिए ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक का रविवार को उपहास किया और कहा कि दोनों दल दिल्ली में केंद्र में मिलकर काम करते हैं, लेकिन राज्य में ‘‘नूरा-कुश्ती’’ करते हैं.
रमेश ने यहां संवाददाताओं से कहा कि इसलिए कांग्रेस ओडिशा में बीजद और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों को निशाना बनाती है और जब वह राज्य में अपनी ओडिशा परिक्रमा यात्रा शुरू करेगी, तो दोनों दलों के खिलाफ आंदोलन करेगी. रमेश ने कहा, ‘‘बीजद और भाजपा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और उनमें कोई अंतर नहीं है.’’ बीजद प्रमुख पटनायक पर निशाना साधते हुए, कांग्रेस नेता रमेश ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘जब प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री को बैठने के लिए कहते हैं, तो वह बैठते हैं. उनके सांसद भी वही करते हैं, जो प्रधानमंत्री कहते हैं. दोनों पार्टियां केंद्र में एकसाथ काम करती हैं और ओडिशा में नूरा-कुश्ती करती हैं.’’ संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह भी मौजूद थे.
रमेश ने कहा कि कांग्रेस राज्य में बदलाव लाने के लिए 31 अक्टूबर से ओडिशा परिक्रमा यात्रा शुरू करेगी. कार्यक्रम में रमेश और दिग्विजय सिंह दोनों शामिल होंगे. रमेश ने कहा कि ओडिशा, असम, त्रिपुरा, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, नगालैंड और बिहार में ऐसी परिक्रमा यात्राएं आयोजित की जा रही हैं, जो कांग्रेस के भारत जोड़ो कार्यक्रम के लिए निर्धारित मार्ग में नहीं आते हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बारे में उन्होंने कहा कि यह भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को निशाना बना रही है और पार्टी राज्यों में भी ऐसे ही ध्यान देगी.
उन्होंने दावा किया कि भारत जोड़ो की जरूरत है, क्योंकि केंद्र में नरेंद्र मोदी नीत सरकार के ‘तानाशाही रवैये’ के कारण देश अघोषित आपातकाल का सामना कर रहा है. रमेश ने आरोप लगाया, ‘‘संवैधानिक निकायों को प्रधानमंत्री के नियंत्रण में रखने और लोगों को धार्मिक और जाति के आधार पर विभाजित करने का प्रयास किया जा रहा है. इसके अलावा देश स्पष्ट आर्थिक विषमताओं की चपेट में है.’’
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा का उद्देश्य यह है कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार जिस तरीके से संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है, उसके बारे में संदेश फैलाने के लिए हर घर तक पहुंचना. उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस का एक ही उद्देश्य है – देश और संविधान को भाजपा और आरएसएस द्वारा देश को बांटने की कोशिशों से बचाना.’’ ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शरत पटनायक ने कहा कि ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजद केंद्र में राजग सरकार के गलत कामों की मूकदर्शक बन गई है.
उन्होंने कहा, ‘‘नवीन पटनायक के नेतृत्व वाले बीजद ने अभी तक मूल्य वृद्धि जैसे मुद्दों पर अपना मुंह नहीं खोला है, क्योंकि वह मोदी सरकार की सभी जनविरोधी नीतियों का समर्थन करते हैं.’’ पटनायक ने कहा कि बीजद ने आवश्यक खाद्य पदार्थों पर जीएसटी लगाने के केंद्र के फैसले का विरोध भी नहीं किया और ओडिशा में परिक्रमा यात्रा के दौरान कांग्रेस केंद्र में राजग सरकार और ओडिशा में बीजद शासन की विफलता के बारे में लोगों को बताएगी.
पटनायक ने कहा कि ओडिशा परिक्रमा यात्रा लगभग 100 दिनों में 2250 किलोमीटर की दूरी तय करेगी, जिसमें बीजद सरकार की विफलता, बेरोजगारी और मूल्य वृद्धि के मुद्दों के साथ ही देश में भाजपा के कुशासन को उजागर किया जाएगा. पटनायक ने कहा कि रोजाना करीब 20 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी.
आरोपों पर प्रतिक्रिया जताते हुए, ओडिशा प्रदेश भाजपा महासचिव पृथ्वीराज हरिचंदन ने कांग्रेस की आलोचना की और कहा, ‘‘जयराम रमेश और दिग्विजय सिंह दोनों को पहले ‘फेविकोल’ की तलाश करने की कोशिश करनी चाहिए, जो उनकी पार्टी को एकजुट कर सके. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को एक करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं और कांग्रेस को इसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है.’’ बीजद की प्रतिक्रिया अभी नहीं मिल पायी.
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं विपक्ष के मुख्य सचेतक मोहन मांझी ने कहा, ‘‘कांग्रेस वास्तव में बीजद की बी टीम है. ओडिशा में कांग्रेस के सभी शीर्ष नेता बीजद से मिले हुए हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ओडिशा के लोग जानते हैं कि कांग्रेस के तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष भूंिपदर सिंह बीजद में कैसे शामिल हुए. कांग्रेस को भाजपा पर आरोप लगाने से पहले अपना चेहरा आईने में देखना चाहिए.’’