शिवमोगा. कर्नाटक के शिवमोगा में पुलिस ने आतंकवाद के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस का दावा है कि वे प्रतिबंधित इस्लामिक स्टेट (आईएस) की गतिविधियों को बढ़ाने के मामले में वांछित थे. पुलिस सूत्रों ने शुरुआत में तीन लोगों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी थी. बाद में पुलिस ने स्पष्ट किया कि दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि एक फरार है.
पुलिस ने आरोप लगाया कि गिरोह के सदस्य विस्फोटक की खरीद की प्रक्रिया में थे और उनकी योजना पूरे राज्य में धमाके करने की थी. पुलिस ने स्वत: ही शिवमोगा निवासी शारिक, माजी और सईद यासीन के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधि निवारण अधिनियम (यूएपीए) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है. गिरफ्तार आरोपियों को अदालत ने सात दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है.
पुलिस प्राथमिकी के मुताबिक गिरोह के सदस्य इस्लामिक स्टेट की गतिविधियों को बढ़ाने की योजना बना रहे थे, जो भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता के खिलाफ है. कर्नाटक के गृहमंत्री अर्गा ज्ञानेंद्र ने कहा, ‘‘तीनों के इस्लामिक स्टेट से संबंध हैं.’’ उन्होंने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘ उनकी गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है. वे शिवमोगा और तीर्थहल्ली के रहने वाले हैं और उनका संबंध मंगलुरु से है.’’ पुलिस सूत्रों ने दावा किया कि गिरफ्तार व्यक्तियों ने धमाके करने सहित आतंकवादी गतिविधियों का प्रशिक्षण लिया है.
सूत्रों ने बताया, ‘‘सरगना यासीन को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है. यासीन पेशे से इलेक्ट्रिक इंजीनियर (विद्युत अभियंता) है.’’ गौरतलब है कि शिवमोगा इस साल के शुरुआत में उस समय चर्चा में आया था जब हिजाब विवाद के बीच ंिहदुत्व कार्यकर्ता हर्ष की हत्या कर दी गई. अगस्त में उस समय शहर से झड़पों की खबर आई जब कुछ दक्षिणपंथी पक्ष के सदस्यों ने ंिहदुत्व के विचारक विनायक दामोदर सावरकर के पोस्टर लगाए और कुछ मुस्लिमों ने विरोध किया. झड़प के दौरान 20 वर्षीय युवक को चाकू से हमला कर बुरी तरह से घायल कर दिया गया. शिवमोगा जिले के ही निवासी ज्ञानेंद्र ने दावा किया कि गिरफ्तार संदिग्धों में से एक का संबंध पाकिस्तान से संचालित आतंकवादी समूह से है.