नयी दिल्ली. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को स्पष्ट रूप से कहा कि वह पार्टी अध्यक्ष पद के चुनाव में उम्मीदवार होंगे और मुख्यमंत्री पद से उनके हटने की स्थिति में पार्टी नेतृत्व यह फैसला करेगा कि इस जिम्मेदारी को कौन संभालेगा.
गहलोत ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद यह घोषणा की. उनके अनुसार, राहुल गांधी ने उनसे दो टूक कहा है कि गांधी-नेहरू परिवार से कोई उम्मीदवार नहीं होगा.
राजस्थान के मुख्यमंत्री की इस घोषणा के साथ ही देश की सबसे पुरानी पार्टी के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए उनके रूप में पहला उम्मीदवार सामने आ गया. पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर भी चुनाव लड़ने का स्पष्ट संकेत दे चुके हैं. कुछ अन्य नेताओं के भी चुनावी मैदान में उतरने की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता. सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी भी चुनाव लड़ने की संभावना पर विचार कर रहे हैं, हालांकि उन्होंने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है.
सूत्रों का कहना है कि गहलोत अगले सप्ताह की शुरुआत में नामांकन दाखिल कर सकते हैं. गहलोत ने केरल पहुंचकर राहुल गांधी से मुलाकात की. उनका कहना है, ‘‘राहुल गांधी ने मुझसे कहा कि वह पहले ही कह चुके हैं कि गांधी परिवार का कोई व्यक्ति अध्यक्ष का चुनाव नहीं लड़ेगा और आज भी इस पर फैसले पर अडिग हैं.’’ उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने उन लोगों की भावनाओं के प्रति सम्मान जताया जिन्होंने उनके समर्थन में प्रस्ताव पारित किए हैं.
गहलोत ने कोच्चि में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं (केरल से राजस्थान) लौटने के बाद तिथि तय करूंगा (नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए), लेकिन मैंने फैसला किया है कि मुझे चुनाव लड़ना होगा. यह लोकतंत्र का सवाल है और आइए, हम एक नयी शुरुआत करें.’’ तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर के चुनाव लड़ने की संभावना पर उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस के कुछ मित्र हैं. अगर वे चुनाव लड़ते हैं तो कोई दिक्कत नहीं है.
लेकिन, नतीजों के बाद हम सभी को कांग्रेस को ब्लॉक, गांव और जिला स्तर पर मजबूत बनाने के लिए साथ मिलकर काम करना चाहिए और अपनी (कांग्रेस की) विचार प्रक्रिया को आधार बनाकर आगे बढ़ना चाहिए, ताकि हम एक मजबूत विपक्ष के रूप में उभर सकें.’’ कांग्रेस के नेतृत्व के संदर्भ में राहुल गांधी के ‘एक व्यक्ति, एक पद’ वाले बयान और चुनाव जीतने की सूरत में राजस्थान के मुख्यमंत्री के रूप में उनके संभावित उत्तराधिकारी के बारे में पूछे जाने पर गहलोत ने कहा कि मौजूदा पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और राजस्थान में पार्टी मामलों के प्रभारी अजय माकन इस संबंध में निर्णय लेंगे.
उधर, कांग्रेस ने अपने प्रवक्ता गौरव वल्लभ द्वारा अशोक गहलोत का खुलकर समर्थन और शशि थरूर की आलोचना किए जाने के बाद शुक्रवार को पार्टी के प्रवक्ताओं एवं संचार विभाग के अन्य पदाधिकारियों से कहा कि वे अध्यक्ष पद के लिए चुनाव में उम्मीदवारों के बारे में किसी भी तरह की टिप्पणी से परहेज करें. सूत्रों के अनुसार, पार्टी महासचिव और संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने अपने विभाग के पदाधिकारियों को भेजे संदेश में यह नसीहत दी है.
उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले, पार्टी प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने अध्यक्ष पद के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत का खुलकर समर्थन किया था और शशि थरूर पर निशाना साधा था. कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर चल रही गहमागहमी के बीच हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सोनिया गांधी से मुलाकात की. माना जा रहा है कि दोनों की मुलाकात के दौरान हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी और अध्यक्ष पद के चुनाव से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई है.
कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण ने बृहस्पतिवार को पार्टी अध्यक्ष के चुनाव की अधिसूचना जारी की. कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए घोषित कार्यक्रम के अनुसार, अधिसूचना कल बृहस्पतिवार को जारी होने के बाद अब नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 24 से 30 सितंबर तक चलेगी. नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि आठ अक्टूबर है. एक से अधिक उम्मीदवार होने पर 17 अक्टूबर को मतदान होगा और नतीजे 19 अक्टूबर को घोषित किये जाएंगे.