नयी दिल्ली. कांग्रेस ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) और उसके कुछ सहयोगी संगठनों को सरकार द्वारा प्रतिबंधित किये जाने की पृष्ठभूमि में बुधवार को कहा कि वह बहुसंख्यकवाद या अल्पसंख्यकवाद के आधार पर धार्मिक उन्माद में अंतर नहीं करती.
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक बयान में कहा, “कांग्रेस पार्टी हमेशा से सभी प्रकार की सांप्रदायिकता की खिलाफ रही है, हम बहुसंख्यकवाद या अल्पसंख्यकवाद के आधार पर धार्मिक उन्माद में फÞकर्Þ नहीं करते. कांग्रेस की नीति हमेशा से बिना किसी डर के, बिना किसी समझौते के सांप्रदायिकता से लड़ने की रही है.”
उन्होंने कहा, “हम हर उस विचारधारा और संस्था के खिलाफ हैं जो हमारे समाज का धार्मिक ध्रुवीकरण करने के लिए पूर्वाग्रह, नफरत, कट्टरता और ंिहसा का सहारा लेती है.” रमेश के अनुसार, “हम भारत के बहुलतावाद को संरक्षित और संर्विधत करने की लड़ाई प्राथमिकता से लड़ रहे हैं तथा राष्ट्रवादी उत्सव में भारत के धर्मनिरपेक्ष और सामूहिकता के तानेबाने को पुष्पित और पल्लवित कर रहे हैं .” सरकार ने आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के कारण ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) और उससे संबद्ध कई अन्य पर प्रतिबंध लगा दिया है.
आतंकवाद रोधी कानून ‘यूएपीए’ के तहत ‘रिहैब इंडिया फाउंडेशन’ (आरआईएफ), ‘कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया’ (सीएफ), ‘ऑल इंडिया इमाम काउंसिल’ (एआईआईसी), ‘नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन’ (एनसीएचआरओ), ‘नेशनल विमेंस फ्रंट’, ‘जूनियर फ्रंट’, ‘एम्पावर इंडिया फाउंडेशन’ और ‘रिहैब फाउंडेशन’(केरल) को भी प्रतिबंधित किया गया है.