नयी दिल्ली. भारतीय वायुसेना (आईएएफ) देश में विकसित हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (एलसीएच) को सोमवार को औपचारिक रूप से अपने बेड़े में शामिल करेगी. इससे वायुसेना की ताकत में और वृद्धि होगी, क्योंकि यह बहुपयोगी हेलीकॉप्टर कई तरह की मिसाइल दागने और हथियारों का इस्तेमाल करने में सक्षम है. एलसीएच को सार्वजनिक उपक्रम ंिहदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने विकसित किया है और इसे प्राथमिक रूप से ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात करने के लिए डिजाइन किया गया है.
अधिकारियों ने रविवार को बताया कि इस हेलीकॉप्टर को जोधपुर स्थित वायुसेना के ठिकाने पर आयोजित एक कार्यक्रम में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी की उपस्थिति में शामिल किया जाएगा. रक्षा मंत्री ने एक ट्वीट में कहा कि नये हेलीकॉप्टरों को शामिल करने से भारतीय वायुसेना के ‘‘युद्ध कौशल” को ‘‘बड़ा बढ़ावा’’ मिलेगा. अधिकारियों ने बताया कि 5.8 टन वजन के और दो इंजन वाले इस हेलीकॉप्टर से पहले ही कई हथियारों के इस्तेमाल का परीक्षण किया जा चुका है.
गौरतलब है कि इस साल मार्च में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) की बैठक में, स्वदेश विकसित 15 एलसीएच को 3,887 करोड़ रुपये में खरीदने की मंजूरी दी गई थी. रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इनमें से 10 हेलीकॉप्टर वायुसेना के लिए और पांच थल सेना के लिए होंगे.
अधिकारियों ने बताया कि एलसीएच ‘एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर’ ध्रुव से समानता रखता है. उन्होंने बताया कि इसमें कई में ‘स्टील्थ’ (राडार से बचने की) विशेषता, बख्तरबंद सुरक्षा प्रणाली, रात को हमला करने और आपात स्थिति में सुरक्षित उतरने की क्षमता है.
सिंह ने ट्वीट किया, ‘‘मैं कल, तीन अक्टूबर को पहले स्वदेश विकसित हल्के लड़ाकू हेलीकाप्टरों (एलसीएच) को शामिल करने के समारोह में भाग लेने के लिए जोधपुर, राजस्थान जाऊंगा. इन हेलीकॉप्टरों को शामिल करने से भारतीय वायुसेना के युद्ध कौशल को एक बड़ा बढ़ावा मिलेगा. इसके लिए उत्सुक हूं.’’